Headlines

वायुमंडल में फैल रहा Volcanic Ash भारत में उड़ान प्रभावित, कब खत्म होगा संकट

वायुमंडल में फैल रहा Volcanic Ash भारत में उड़ान प्रभावित, कब खत्म होगा संकट

26 नवंबर 2025, नई दिल्ली। हाल ही में इथियोपिया के हैली गुब्बी ज्वालामुखी के विस्फोट से निकलने वाला Volcanic Ash भारत के कई हिस्सों में पहुंच गया है। यह राख बादल गुजरात से शुरू होकर दिल्ली, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार तक पहुंच चुके हैं। उच्च वायु स्तर पर ये राख बादल चीन की ओर बढ़ रहे हैं। इस स्थिति ने दिल्ली के आस-पास के क्षेत्र में हलचल मचा दी है। इस लेख में विस्तार से बताया गया है कि Volcanic Ash क्या है, यह भारत में कैसे पहुंचा, और इसका प्रभाव कब तक रहेगा।

Volcanic Ash का विस्तार और स्थिति

इथियोपिया के हैली गुब्बी ज्वालामुखी के विस्फोट के बाद निकली राख की परत उच्च वायुमंडल में है। इसका स्तर समुद्र सतह से 8 से 15 किलोमीटर की ऊंचाई पर तैर रहा है और हवा की गति 150 किलोमीटर प्रति घंटे के हिसाब से है। यह राख बादल पिछले रात गुजरात पहुंचे और फिर धीरे-धीरे दिल्ली और उत्तर भारत के अन्य हिस्सों की ओर बढ़ गए।

भारतीय मौसम विभाग के प्रमुख, मृत्युंजय मोहपात्रा के अनुसार, राख बादल आज शाम 7 बजे तक भारत से चीन की ओर आगे बढ़ जाएंगे। इस दौरान राख के प्रवाह ने दिल्ली की खराब वायु गुणवत्ता पर कोई असर नहीं डाला है, और सामान्य जनता को घबराने की जरूरत नहीं है।

वायुमंडल में फैल रहा Volcanic Ash भारत में उड़ान प्रभावित, कब खत्म होगा संकट

Volcanic Ash का मुख्य असर खासकर विमानन क्षेत्र पर पड़ा है। दिल्ली हवाई अड्डे पर कुल 19 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित हुई हैं, जिनमें से 7 रद्द और 12 देर से संचालन हुए। राख में सल्फर की अधिक मात्रा और उच्च ऊंचाई के कारण उड़ानों की सुरक्षा के लिहाज से सावधानी बरती जा रही है।

नियामक एजेंसी DGCA ने एयरलाइनों को राख प्रभावित इलाकों से उड़ानों को बचाने और अपनी योजनाओं में बदलाव करने की सलाह दी है। एयर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट समेत कई एयरलाइनों ने सतर्कता बरतते हुए यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है।

Volcanic Ash का प्रभाव और सावधानियां

Volcanic Ash के फैलने से स्थानीय वायु गुणवत्ता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा है, लेकिन विमानन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई उड़ानें रद्द या देर से हुई हैं। एयरलाइनों ने इस स्थिति से निपटने के लिए जरूरी सावधानियां रखी हैं। DGCA ने भी यात्रियों को किसी भी असामान्य घटना जैसे इंजन में समस्या या केबिन में धुआं या गंध महसूस होने पर तुरंत रिपोर्ट करने के निर्देश दिए हैं।

वायुमंडल में फैल रहा Volcanic Ash भारत में उड़ान प्रभावित, कब खत्म होगा संकट

फिलहाल, सामान्य लोगों के लिए कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है क्योंकि राख की सांद्रता इतनी अधिक नहीं है कि यह वायु प्रदूषण या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या का कारण बने।

यह राख बादल आज शाम तक उत्तर भारत छोड़कर चीन की ओर रुख कर लेंगे। ऐसे में लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। हालांकि विमानन क्षेत्र में काम करने वालों को विशेष सतर्कता रखनी होगी। वैश्विक और स्थानीय मौसम विभागों की टीम इस स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं।

यह घटना हमें प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव और उनके फिजिकल एवं प्रशासनिक प्रबंधन की याद दिलाती है। Volcanic Ash के कारण कई देशों की हवाई यातायात प्रभावित हुई है, इसीलिए सटीक जानकारी और सतर्कता जरूरी है।

Read More: 2025 Tata Sierra की भारत में धमाकेदार वापसी, एक्सप्लोर करें नया स्टाइल और फीचर्स!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *