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Congress ने पूर्व प्रधानमंत्री manmohan singh की पुण्यतिथि पर दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि

Congress ने पूर्व प्रधानमंत्री manmohan singh की पुण्यतिथि पर दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि

नई दिल्ली, 26 दिसंबर 2025: भारतीय राजनीति के शांत, सरल और विद्वान चेहरे रहे पूर्व प्रधानमंत्री manmohan singh की पुण्यतिथि पर आज पूरे देश ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने दिल्ली स्थित उनके स्मारक पर फूल अर्पित किए और उनके योगदान को याद किया। यह दिन देश की राजनीति में संयम और शालीनता की मिसाल के रूप में फिर उजागर हुआ।

कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी सहित कई प्रमुख नेता सुबह से ही श्रद्धांजलि समारोह में शामिल हुए। पार्टी मुख्यालय को सफेद फूलों से सजाया गया था और हर नेता ने manmohan singh को एक आदर्श राजनेता बताया। राहुल गांधी ने कहा कि manmohan singh का नेतृत्व भारत की आर्थिक दिशा को बदलने में मील का पत्थर साबित हुआ। उन्होंने बताया कि देश ने उनके कार्यकाल में स्थिरता, सुधार और शांति का दौर देखा था।

आर्थिक सुधारों के जनक manmohan singh की यादें

Congress ने पूर्व प्रधानमंत्री manmohan singh की पुण्यतिथि पर दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि

जब हम भारत के आर्थिक विकास की दिशा पर नजर डालते हैं, तो manmohan singh की भूमिका को भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने 1991 में वित्त मंत्री के रूप में देश को गहरी आर्थिक संकट से बाहर निकाला था। उनकी नीतियों ने भारत की अर्थव्यवस्था को खुलापन और गति दी। उनकी आर्थिक दूरदृष्टि ने आने वाली पीढ़ियों को नया रास्ता दिखाया।

कांग्रेस के नेताओं ने कहा कि आज देश की तरक्की में जो स्थिरता दिखती है, उसकी नींव में manmohan singh की नीतियाँ हैं। उन्होंने उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण के संतुलन के साथ देश को निवेश का अनुकूल माहौल दिया। वह मौद्रिक अनुशासन के साथ मानवीय दृष्टिकोण रखने वाले नेता थे। उनकी नम्रता और सादगी आज भी लोगों के दिलों में अमिट है।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम में मौजूद नेताओं ने यह भी बताया कि manmohan singh हमेशा देश की एकजुटता और सामाजिक सद्भाव के लिए खड़े रहे। उन्होंने कभी आक्रोश या प्रदर्शन की राजनीति नहीं की बल्कि तर्क और विवेक से राष्ट्र का मार्गदर्शन किया। ऐसे समय में जब राजनीति में तीखे बोल बढ़ रहे हैं, manmohan singh की शालीनता एक अनुकरणीय उदाहरण के रूप में सामने आती है।

कांग्रेस ने किया योगदान का स्मरण

कांग्रेस पार्टी ने आज पूरे देश में उनके योगदान को याद करने के लिए विशेष सभाएँ आयोजित कीं। कई राज्यों में सेमिनार और चर्चा कार्यक्रम हुए जिनमें उनके विकास मॉडल और नीति दृष्टि पर बातें हुईं। पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि manmohan singh ने केवल कांग्रेस के नहीं बल्कि पूरे भारत के हित में काम किया।

Congress ने पूर्व प्रधानमंत्री manmohan singh की पुण्यतिथि पर दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि

दिल्ली में हुए मुख्य कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति और अन्य दलों के नेता भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि manmohan singh के शासनकाल में भारत की छवि अंतरराष्ट्रीय मंच पर सशक्त हुई। अमेरिका से लेकर यूरोप और एशिया तक, उनके निर्णयों ने भारत को एक भरोसेमंद भागीदार बनाया। उन्होंने हमेशा कहा कि विकास तभी सार्थक है जब वह हर वर्ग तक पहुँचे।

कांग्रेस प्रवक्ता जयराम रमेश ने उनके शांति और नीति-निष्ठा की प्रशंसा करते हुए कहा कि manmohan singh की सबसे बड़ी ताकत थी उनका धैर्य। उन्होंने कभी बहस को विवादित नहीं बनाया बल्कि समाधान की राह चुनी। यही वजह रही कि विरोधी दल भी उन्हें व्यक्तिगत सम्मान देते थे।

श्रद्धांजलि सभा में सोनिया गांधी ने कहा कि पार्टी को आज ऐसे ही संयमित नेताओं की जरूरत है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि manmohan singh ने जिन सिद्धांतों पर राजनीति की, वे आज भी हर कार्यकर्ता के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने पार्टी नेताओं को आह्वान किया कि वे उनके दिखाए रास्ते पर एकता और विकास की भावना से आगे बढ़ें।

देशभर में श्रद्धांजलि सभाएँ

दिल्ली के अलावा मुंबई, चंडीगढ़, जयपुर और भुवनेश्वर में भी manmohan singh की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा हुई। हर जगह लोगों ने उन्हें एक सच्चे अर्थशास्त्री और ईमानदार राजनेता के रूप में याद किया। सोशल मीडिया पर #manmohansingh, #RememberingManmohanSingh जैसे हैशटैग पूरे दिन ट्रेंड करते रहे। लोग उनकी पुरानी भाषणों की क्लिप और तस्वीरें साझा करते रहे।

कई युवाओं ने कहा कि manmohan singh का जीवन हमें सिखाता है कि सीमित बोलना और विनम्र रहना भी बड़ी ताकत है। उन्होंने शिक्षा, संस्थागत सुधार और पारदर्शिता पर जो ध्यान दिया, उसने भारत को नई दिशा दी।

Congress ने पूर्व प्रधानमंत्री manmohan singh की पुण्यतिथि पर दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि

उनकी पुण्यतिथि पर अर्थशास्त्र से लेकर प्रशासनिक क्षेत्र तक के विशेषज्ञों ने कहा कि आज की पीढ़ी को उनके कामकाज से सीखने की जरूरत है। manmohan singh ने दिखाया कि नेतृत्व केवल भाषणों से नहीं, बल्कि कठोर निर्णयों और ईमानदारी से बनता है।

राजनीति में सादगी का प्रतीक

manmohan singh का पूरा जीवन सरलता और ईमानदारी की मिसाल रहा। उन्होंने कभी लोकप्रियता की तलाश नहीं की बल्कि अपने काम से पहचान बनाई। प्रधानमंत्री रहते हुए भी वे अपनी सादगी के कारण जनता के करीब रहे।

उनके सहयोगियों ने याद किया कि वे हमेशा समय के पाबंद थे और हर बैठक में तथ्यों के साथ चर्चा करते थे। उनका ध्यान राजनीति से ज्यादा नीतियों पर होता था। यही वजह रही कि वे अपने विरोधियों के बीच भी सम्मानित बने रहे।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि आज की राजनीतिक परिस्थितियों में उनकी तरह दृढ़ और ईमानदार नेताओं की जरूरत है। उनके नेतृत्व में देश ने जो प्रगति की, वह किसी भी आधुनिक अर्थव्यवस्था के लिए मिसाल है।

श्रद्धांजलि में शामिल लोगों की प्रतिक्रिया

श्रद्धांजलि सभा में मौजूद एक आम नागरिक ने कहा कि manmohan singh की ईमानदारी ने उन्हें भारत के इतिहास में विशेष स्थान दिया। एक छात्र ने कहा कि उन्होंने साबित किया कि राजनीति में भी सच्चाई और शालीनता से बड़ा कुछ नहीं।

लोगों ने इच्छा जताई कि उनके जीवन और कार्यों पर स्कूलों और कॉलेजों में अधिक चर्चा हो ताकि नई पीढ़ी को प्रेरणा मिले। कई जगहों पर उनके पसंदीदा विचारों और भाषणों पर छोटे प्रदर्शन भी लगाए गए।

निष्कर्ष

आज जब देश की राजनीति में शालीनता और संयम की कमी महसूस की जाती है, तब manmohan singh की याद एक प्रकाशस्तंभ की तरह सामने आती है। उनका जीवन दिखाता है कि ज्ञान, सरलता और नैतिक मूल्यों के साथ भी बड़ा नेतृत्व संभव है।

कांग्रेस और पूरे देश ने जिन स्नेह और सम्मान से उन्हें याद किया, वह बताता है कि असली पहचान पदों और भाषणों से नहीं, बल्कि कर्म और चरित्र से बनती है। manmohan singh न केवल एक सफल प्रधानमंत्री थे बल्कि एक ऐसे मार्गदर्शक भी थे जिनका प्रभाव आने वाली पीढ़ियों तक रहेगा।

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