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शुभमन गिल की वापसी: विजय हजारे से न्यूज़ीलैंड सीरीज़ तक नई पारी की तैयारी​​

शुभमन गिल की वापसी: विजय हजारे से न्यूज़ीलैंड सीरीज़ तक नई पारी की तैयारी​​

शुभमन गिल टी20 वर्ल्ड कप की भारतीय टीम में जगह नहीं बना पाए और चयनकर्ताओं ने उनके क्लासिकल एग्रेसन की जगह एक हाई-ऑक्टेन टी20 ओपनिंग जोड़ी पर भरोसा किया। गुजरात टाइटंस के लिए सफल रहा यही स्टाइल इस बार चयन के पैमाने पर फिट नहीं बैठा, जिससे गिल की टी20 भविष्य पर कई सवाल खड़े हुए।

अब गिल फिर उस फॉर्मेट में लौट रहे हैं जो उनके खेल के स्वाभाविक टेंपो से सबसे ज्यादा मेल खाता है – 50 ओवर का वनडे गेम। टी20 सेटबैक के बाद विजय हजारे ट्रॉफी उनके लिए फॉर्म, आत्मविश्वास और नेशनल टीम में अपनी भूमिका को दोबारा परिभाषित करने का अहम मंच बन गया है।

विजय हजारे ट्रॉफी में मौका: गोवा के खिलाफ नई शुरुआत

पंजाब की ओर से खेलने वाले शुभमन गिल एलिट ग्रुप सी में गोवा के खिलाफ मुकाबले में प्लेइंग इलेवन में वापसी करने वाले हैं। उन्होंने इससे पहले सिक्किम के खिलाफ मैच मिस किया था, लेकिन अब टीम मैनेजमेंट उन्हें सीधा टॉप ऑर्डर में उतारकर बड़े स्कोर की उम्मीद कर रहा है।

शुभमन गिल की वापसी: विजय हजारे से न्यूज़ीलैंड सीरीज़ तक नई पारी की तैयारी​​

जयपुर स्थित राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन अकादमी में गिल ने सोमवार को टीम के साथ जमकर ट्रेनिंग की। उन्होंने वार्म-अप के बाद तेज और स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ नेट्स में बल्लेबाजी की, फिर कैचिंग ड्रिल्स और अतिरिक्त थ्रोडाउन के साथ खुद को मैच-रेडी बनाने पर फोकस रखा।

एलिट ग्रुप सी में पंजाब फिलहाल पांच मैचों में 16 अंकों के साथ टॉप पर है, जबकि मुंबई भी 16 अंकों पर बराबरी पर है। ऐसे में बचे हुए दोनों लीग मैच पंजाब की क्वालिफिकेशन और नेट रन रेट दोनों के लिए बेहद अहम हैं, इसलिए गिल की फॉर्म सीधे टीम की नॉकआउट उम्मीदों से जुड़ जाती है।

पंजाब, कप्तानी और न्यूज़ीलैंड सीरीज़: गिल के लिए बड़ा संदर्भ

विजय हजारे ट्रॉफी के ये मैच शुभमन गिल के लिए सिर्फ घरेलू टूर्नामेंट के रन नहीं, बल्कि आने वाली भारत बनाम न्यूज़ीलैंड वनडे सीरीज़ के लिए प्रैक्टिस भी हैं। 11 जनवरी से शुरू होने वाली इस सीरीज़ में गिल भारतीय टीम की कप्तानी करने वाले हैं, इसलिए उनसे रन ही नहीं, लीडरशिप क्वालिटी दिखाने की भी उम्मीद है।

बीसीसीआई ने केंद्रीय कॉन्ट्रैक्ट वाले खिलाड़ियों को संदेश दिया है कि जब वे फिट हों और अंतरराष्ट्रीय ड्यूटी पर न हों, तो उन्हें घरेलू क्रिकेट में खेलना चाहिए। गिल का विजय हजारे में उतरना इसी नीति की मिसाल है और यह युवा खिलाड़ियों को भी यह संदेश देता है कि घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन की अहमियत अब भी बरकरार है।

Shubman Gill,who was dropped from the T20 World Cup squad will play in the Vijay  Hazare Trophy from Punjab टी20 वर्ल्ड कप स्क्वाड से ड्रॉप हुए शुभमन गिल  खेलेंगे विजय हजारे ट्रॉफी,

टी20 वर्ल्ड कप से बाहर होना गिल के लिए मानसिक चुनौती रहा होगा, लेकिन वनडे में लगातार अच्छी पारियां खेलकर वह अपने आपको फिर से राष्ट्रीय टीम के सबसे भरोसेमंद शीर्षक्रम बल्लेबाज के रूप में स्थापित कर सकते हैं। पंजाब के लिए मजबूत शुरुआत, लंबी पारी और मैच फिनिश करने की क्षमता दिखाना उनके लिए चयनकर्ताओं को जवाब देने जैसा होगा।

आगे की राह: चयनकर्ताओं को संदेश देने का मौका

शुभमन गिल के करियर का यह चरण यह तय कर सकता है कि आने वाले सालों में उन्हें केवल वनडे/टेस्ट स्पेशलिस्ट के रूप में देखा जाएगा या वे टी20 में भी मजबूत दावेदार बने रहेंगे। विजय हजारे ट्रॉफी में दमदार प्रदर्शन और न्यूज़ीलैंड के खिलाफ सफल कप्तानी उनके पक्ष में नैरेटिव बदल सकती है।

घरेलू मैदानों पर रन बनाना गिल के लिए दोहरे फायदे का सौदा है – एक तरफ वे अपने खेल की बारीकियों पर काम कर सकते हैं, दूसरी तरफ चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट को यह भरोसा दिला सकते हैं कि दबाव की स्थिति में भी वे जिम्मेदारी उठा सकते हैं। अगर पंजाब नॉकआउट में पहुंचती है और गिल वहां बड़े मैचों में रन बनाते हैं, तो यह उनके करियर की कहानी में एक मजबूत वापसी अध्याय की तरह दर्ज होगा।

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