मेघालय के ईस्ट खासी हिल्स जिले की एक स्थानीय अदालत ने 28 अक्टूबर 2025 को राजा रघुवंशी मर्डर केस में पांच आरोपियों पर गंभीर आरोप तय कर दिए हैं। इस बहुचर्चित घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। आरोपी राजा की पत्नी सोनम रघुवंशी, उसका प्रेमी राज कुशवाहा और तीन हिटमैन विशाल चौहान, आकाश राजपूत तथा आनंद कुर्मी शामिल हैं। इन सभी पर भारतीय दंड संहिता की हत्या, आपराधिक साजिश और सबूत मिटाने जैसी धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। अदालत ने पाया कि आरोपितों के खिलाफ पुरजे सबूत मौजूद हैं जो मामले की गंभीरता को दर्शाते हैं।
राजा रघुवंशी की हत्या की यह घटना 23 मई 2025 को हुई थी। राजा रघुवंशी मध्य प्रदेश के इंदौर के रहने वाले एक मशहूर व्यवसायी थे, जो अपनी नई शादीशुदा पत्नी सोनम रघुवंशी के साथ अपने हनीमून पर मेघालय के शिलांग आए थे। दोनों 21 मई को शिलांग पहुंचकर अपने हनीमून की रोमांचक छुट्टियां मनाने निकले थे। लेकिन 26 मई को उनके लापता होने की सूचना मिली।
स्थानीय पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अन्य एजेंसियों ने बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया। कई दिनों की खोजबीन के बाद 2 जून को सोहरा के वेई सावदोंग झरने के पास एक गहरी खाई से राजा रघुवंशी का शव बरामद हुआ। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि हत्या दो धारदार हथियारों के वार से हुई थी।

पुलिस जांच में सामने आया कि सोनम का अपने बॉयफ्रेंड राज कुशवाहा के साथ गुप्त संबंध था। दोनों ने मिलकर राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रची थी। इसके बाद मध्य प्रदेश के हिटमैन विशाल चौहान, आकाश राजपूत और आनंद कुर्मी को इसके लिए काम पर रखा था। यह हत्या हनीमून के दौरान की गई, जबकि सोनम की मौजूदगी घटनास्थल पर थी। हत्या के बाद आरोपी फरार हो गए थे, लेकिन पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ एक व्यापक चार्जशीट दायर की गई है जिसमें 790 पन्नों में पूरी साजिश का ब्योरा है।
राजा रघुवंशी मर्डर केस में अब कोर्ट ने आरोप तय कर दिए हैं और ट्रायल जल्द शुरू होने की उम्मीद है। पुलिस ने बताया कि इस मामले में तीन और लोगों के खिलाफ भी जांच जारी है, जो सबूत मिटाने और अपराध में सहायता देने के आरोपी हैं। राज्य की अदालतों में इस केस ने ध्यान खींचा है क्योंकि यह एक प्यार और विश्वासघात से जुड़ा मामला है जो एक खूबसूरत हनीमून को एक क्रूर हत्या में बदल गया।
राजा रघुवंशी हत्या और साजिश का रहस्य
23 मई 2025 को राजा रघुवंशी और सोनम रघुवंशी मेघालय के शिलांग पहुंचे थे। 26 मई को उनका लापता होना चिंता का विषय बना। पुलिस को सूचना मिली कि हत्या की साजिश पहले से रची गई थी। सोनम ने राजा को सोहरा के दर्शनीय स्थलों की सैर के बहाने एक दूर-दराज जगह बुलाया था। वहां मौजूद अन्य आरोपी शराब और किसी हथियार के साथ मौजूद थे। अचानक धारदार हथियारों से हमला हुआ और राजा को मार दिया गया। हत्या के बाद आरोपितों ने इसे एक दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की। लेकिन पुलिस ने जांच में कई करीने के सबूत जैसे हथियार, मोबाइल फोन, और सीसीटीवी फुटेजों के आधार पर सच उजागर किया।
इसके बाद पुलिस ने सोनम और उसके प्रेमी राज को पकड़ा, जिनसे पूछताछ में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। बड़ी चतुराई से योजना बनाकर की गई इस हत्या में अन्य तीन हत्यारोपियों का भी महत्वपूर्ण योगदान था। इस मामले ने पूरे देश के सामने हत्या की एक नई घटना की दरअसल तस्वीर रख दी। साजिश की तहों को देखकर यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि एक ठगी और विश्वासघात की कहानी बन गया।
राजा रघुवंशी मर्डर केस कोर्ट प्रक्रिया और आगे की कार्रवाई
मेघालय की अदालत ने परिसर में सुनवाई के दौरान पाया कि राजा रघुवंशी मर्डर केस में पांचों आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं। अदालत ने सभी आरोपों को गंभीरता से लिया है। पुलिस की जांच और चार्जशीट की तहकीकात को आधार मानते हुए जल्द ही ट्रायल शुरू होने वाला है। ट्रायल में आरोपी स्वयं को निर्दोष बताते हुए मामले की जटिलता और गहराई को और बढ़ा रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, इस केस में और तीन लोगों पर भी आरोप तय किए जाएंगे जो इस हत्या के बाद सबूत मिटाने और अपराध को छुपाने में शामिल थे। परिवार और समाज इस मामले में न्याय की मांग कर रहे हैं। इंदौर और मेघालय दोनों राज्यों की पुलिस इस कठोर मामले को निष्पक्ष तरीके से संभाल रही है। उम्मीद है कि जल्द इनके विरुद्ध अदालत में सख्त फैसला आएगा जो दूसरे अपराधियों को भी सजग करेगा।
राजा रघुवंशी मर्डर केस ने न केवल एक हत्या की कहानी बताई, बल्कि रिश्तों में पनप रही अस्थिरता, धोखे और साजिश की क्रूर हकीकत भी सामने रखी। इस केस का पूरा देश इंतजार कर रहा है कि न्याय की पूरी प्रक्रिया पूरी हो और दोषी जनता को सजा मिले।
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