नई दिल्ली, 29 अक्टूबर 2025: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना पिछले साल अगस्त में देश में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद सत्ता से बेदखल होकर भारत आ गईं। तब से वह दिल्ली में सुरक्षित रह रही हैं। शेख हसीना ने हाल ही में पहली बार अपनी राजनीतिक सोच, बांग्लादेश की वर्तमान स्थिति और खुद के भविष्य को लेकर खुलकर बातचीत की है। उन्होंने अपने देश लौटने की इच्छा जताई तो लेकिन इस पर साफ शर्तें रखीं।
शेख हसीना की दिल्ली में जीवनशैली और राजनीतिक विचार
शेख हसीना वर्तमान में दिल्ली के लुटियंस इलाके में एक बड़े सुरक्षित बंगले में रह रही हैं, जहां उन्हें केंद्रीय एजेंसियों द्वारा कड़ी सुरक्षा प्राप्त है। वे अपने परिवार के अतीत को याद रखते हुए सतर्क भी रहती हैं। 1975 के सैन्य तख्तापलट में उनके पिता और तीन भाइयों को जान से हाथ धोना पड़ा था, जब वह विदेश में थीं। शेख हसीना कहती हैं कि वे दिल्ली में आजादी से रहती हैं, लेकिन सुरक्षा कारणों से सतर्क जीवन बिताती हैं।

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी अवामी लीग फिर से राजनीति में वापसी करेगी। चाहे वह सत्ता में हो या विपक्ष में, उनकी फोकस देश की स्थिरता और संविधान के अनुसार शासन स्थापित करना है। उनका मानना है कि कोई एक व्यक्ति या परिवार देश का भविष्य तय नहीं कर सकता। शेख हसीना बताती हैं कि अवामी लीग पर जो प्रतिबंध लगे हैं, वे गलत हैं और इससे लोकतंत्र को नुकसान होगा। उन्होंने अपने समर्थकों को भरोसा दिलाया कि वे चुनावी प्रक्रिया में पूरी ताकत से हिस्सा लेंगी।
बांग्लादेश लौटने की शर्त और आगामी चुनावों पर विचार
शेख हसीना ने स्पष्ट किया कि वे तब तक अपने देश लौटना नहीं चाहतीं जब तक वहां की सरकार वैध, संविधान के अनुरूप और कानून व्यवस्था बनी न हो। उन्होंने कहा, “अगर अवामी लीग को चुनाव लड़ने नहीं दिया गया, तो करोड़ों समर्थक चुनावों का बहिष्कार करेंगे।” हसीना ने चुनाव की वैधता और लोकतंत्र के मजबूत होने पर जोर देते हुए सरकार को चेतावनी दी कि अवामी लीग को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से बाहर रखना गलत होगा।
गौरतलब है कि बांग्लादेश की यूनुस सरकार ने अगले साल फरवरी में चुनाव कराने का वादा किया है, लेकिन अवामी लीग की गतिविधियों पर रोक के कारण राजनीतिक माहौल तनावपूर्ण है। शेख हसीना ने कहा कि वे अपने समर्थकों से किसी अन्य पार्टी को वोट नहीं देने को कहती हैं और उम्मीद करती हैं कि सरकार चुनाव लड़ने की अनुमति देगी।
विवादित आपराधिक आरोपों को उन्होंने राजनीति प्रेरित बताया है और कहा कि ये आरोप कंगारू अदालतों द्वारा लगाए गए हैं। शेख हसीना ने यह भी कहा कि उन्हें अपने बचाव का पर्याप्त मौका नहीं मिला और यह पूरा मामला राजनीति से प्रेरित है।
दिल्ली में शेख हसीना का राजनीतिक जीवन
शेख हसीना भारत में आने के बाद से अपने राजनीतिक करियर को लेकर मुखर हैं। वे नियमित रूप से अवामी लीग के नेताओं के संपर्क में हैं और पार्टी की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। उनके समर्थन में बांग्लादेश में भी भारी संख्या में लोग हैं। शेख हसीना की बेटी भी दिल्ली में रहती हैं और उन्हें भी सुरक्षा प्रदान की गई है।
इस बीच, बांग्लादेश में उनके राजनीतिक विरोधी उनकी गैर-मौजूदगी का खूब फायदा उठा रहे हैं, लेकिन शेख हसीना का मानना है कि राजनीतिक स्थिरता और लोकतंत्र के बिना देश का भविष्य उज्जवल नहीं हो सकता।
संक्षेप में, शेख हसीना के दिल्ली में आजाद जीवन और बांग्लादेश लौटने की शर्तें स्पष्ट हैं। वे देश में लोकतंत्र और स्थिरता की राजनीति को प्राथमिकता देती हैं। चुनाव में अवामी लीग की भागीदारी को लेकर उनका रुख कड़ा है और वे अपने समर्थकों के साथ चुनावों में पूरी ताकत से उतरने के लिए तैयार हैं।
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