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मसूद अजहर की बहन के नेतृत्व में जमात-उल-मोमिनात का गठन, भारत के लिए बड़ा खतरा

मसूद अजहर की बहन के नेतृत्व में जमात-उल-मोमिनात का गठन, भारत के लिए बड़ा खतरा

9 अक्टूबर 2025, भारत– पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। इस बार संगठन ने महिलाओं के लिए एक नया विंग बनाया है, जिसका नाम जमात-उल-मोमिनात रखा गया है। यह खबर भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है क्योंकि इस नए विंग का नेतृत्व मसूद अजहर की बहन सादिया अजहर कर रही हैं। यह कदम जैश-ए-मोहम्मद की ताकत को और बढ़ाने वाला है और भारत के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।

जमात-उल-मोमिनात का गठन और इसका उद्देश्य

जैश-ए-मोहम्मद ने 8 अक्टूबर 2025 को बहावलपुर के मर्कज उस्मान-ओ-अली में पहली बार इस महिलाओं के विंग की भर्ती शुरू की। यही वह स्थान है जहां इस संगठन के कई आतंकवादी अपने आतंकवादी प्रशिक्षण लेते हैं। जमात-उल-मोमिनात को खासतौर पर आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं और कमांडरों की पत्नियों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। संगठन इन महिलाओं को प्रशिक्षित कर अपनी ऑपरेशनल टीम में शामिल करने की योजना बना रहा है। मसूद अजहर के भाई तल्हा अल-सैफ के साथ मिलकर यह योजना बनाई गई है।

मसूद अजहर की बहन के नेतृत्व में जमात-उल-मोमिनात का गठन, भारत के लिए बड़ा खतरा

पहले तक जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठन महिलाओं को हथियारबंद जिहाद या लड़ाई से दूर रखते थे। लेकिन हाल के आतंकवादी हमलों जैसे पहलगाम में हुए हमले और भारत द्वारा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद उनका नजरिया बदला है। इस बदलाव से आतंकवादी संगठन महिलाओं को भी सुसाइड बॉम्बर और अन्य खतरनाक भूमिकाओं में शामिल कर सकते हैं। दुनिया के अन्य आतंकी समूहों जैसे ISIS, बोको हराम, हमास ने महिलाओं को सुसाइड बॉम्बर के रूप में इस्तेमाल किया है, लेकिन यह जैश का नया कदम है।

भारत के लिए खतरे और जरूरी कदम

जमात-उल-मोमिनात का गठन जैश-ए-मोहम्मद की ताकत में इजाफा करेगा। अतिरिक्त महिला आतंकवादी होने से संगठन की ऑपरेशनल क्षमताएं बढ़ेंगी। ऐसे आतंकवादी अब छिपकर भारत के अंदर घुसपैठ कर सकते हैं और शहरों में अटैक कर सकते हैं। यह रणनीति भारत की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती है।

भारत को अपनी इंटेलिजेंस एजेंसियों को और बेहतर बनाना होगा। बॉर्डर सिक्योरिटी को भी बेहद मजबूत करने की जरूरत है ताकि आतंकवादी बिना पकड़े बॉर्डर क्रॉस न कर सकें। इसके अलावा, सरकार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मसूद अजहर और जैश-ए-मोहम्मद पर कड़ा दबाव बनाना होगा। यह जरूरी है ताकि जैश-ए-मोहम्मद के इस नए महिला विंग को असफल किया जा सके।

मसूद अजहर की बहन के नेतृत्व में जमात-उल-मोमिनात का गठन, भारत के लिए बड़ा खतरा

मसूद अजहर के इस नए कदम से भारत की सुरक्षा व्यवस्था को पुनः सोचने की जरूरत है। जमात-उल-मोमिनात के कारण अब आतंकवादी हमले और भी खतरनाक हो जाएंगे। भारत सरकार को समय रहते कठोर सुरक्षा उपाय करने चाहिए ताकि देश की सुरक्षा बनी रहे। साथ ही, आम जनता को भी सतर्क रहना होगा और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना सुरक्षा एजेंसियों को देनी होगी।

यह नया आतंकवादी रणनीति का हिस्सा है जिसे मसूद अजहर की बहन ने संभाला है। जैश-ए-मोहम्मद पहले से ही कई आतंकवादी घटनाओं में शामिल रहा है। अब महिलाओं के इस विंग के जुड़ने से आतंकवादी क्षमता और बढ़ेगी। यह भारत और पड़ोसी देशों की सुरक्षा के लिए नई चुनौती लेकर आया है। मसूद अजहर और जमात-उल-मोमिनात के इस नए संगठन के कारण भारत को अपनी सुरक्षा रणनीतियों को तत्काल प्रभाव से मजबूत करना होगा।

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