पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 13 अक्तूबर 2025 को जलपाईगुड़ी जिले के नागराकाटा में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर राहत एवं पुनर्वास कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पड़ोसी देश भूटान से बाढ़ के लिए मुआवजे की मांग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तर बंगाल में आई बाढ़ का मुख्य कारण भूटान से बहकर आने वाला पानी है, जिस कारण यहां भारी तबाही हुई है। मुख्यमंत्री ने इस नुकसान के लिए भूटान सरकार से उचित मुआवजा दिलवाने की बात कही और केंद्र सरकार से भी बेहतर सहयोग की अपेक्षा जताई।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भूटान से मांगा बाढ़ का मुआवजा
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 13 अक्टूबर 2025 को अपने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र जलपाईगुड़ी के नागराकाटा में बाढ़ पीड़ितों से मिलकर मुख्यमंत्री के रूप में जनहित की एक महत्वपूर्ण मांग की। उन्होंने कहा कि उत्तर बंगाल के जलस्रोतों में पड़ोसी देश भूटान से भारी मात्रा में पानी आ रहा है, जिसने यहां बाढ़ की स्थिति पैदा कर दी है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भूटान सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि भूटान से आने वाले पानी के कारण नदियां उफान पर हैं, जिससे बड़ी तबाही हुई है। इसलिए भूटान से उत्पन्न हुई इस विपत्ति का मुआवजा पश्चिम बंगाल को मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जलपाईगुड़ी सहित पूरे उत्तर बंगाल के कई जिलों में भारी बारिश और भूटान से बहकर आने वाले पानी के कारण बाढ़ आई है, जिसमें लोगों की जान-माल का बहुत नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भूटान के प्रति यह स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच बाइलाटरल वार्ता के माध्यम से इसे सुलझाया जाना चाहिए। इसके लिए उन्होंने एक विशेष भारत-भूटान नदी आयोग का गठन करने की मांग की है, जिसमें पश्चिम बंगाल को भी सदस्य बनाया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की आपदाओं के प्रभाव को कम किया जा सके। यह आयोग दोनों देशों के बीच आपसी तालमेल बढ़ाने और बाढ़ की समस्या को हल करने में मददगार होगा।
ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार से भी अपील की है कि वह इस आपदा से निपटने के लिए पर्याप्त वित्तीय सहायता और तकनीकी मदद प्रदान करे ताकि प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द सहारा मिल सके। उन्होंने कहा कि इस आपदा ने राज्य की आर्थिक स्थिति को भी प्रभावित किया है, इसलिए केंद्र को भी जिम्मेदारी निभानी होगी।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों की समीक्षा
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 13 अक्टूबर को जलपाईगुड़ी जिले के नागराकाटा में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया और राहत कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। ममता बनर्जी ने कहा कि बाढ़ से हुए नुकसान को कम करने के लिए राहत एवं पुनर्वास कार्यों को तेज किया जा रहा है। उनके दौरे का मकसद प्रभावित लोगों को सरकार की योजनाओं के बारे में जागरूक करना और उद्धार कार्यों की गति बढ़ाना है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि बाढ़ ने न केवल जनजीवन को प्रभावित किया है, बल्कि सड़कों, पुलों और अन्य आधारभूत संरचनाओं को भी नुकसान पहुंचाया है। इसलिए पुनर्निर्माण कार्य भी शीघ्र शुरू किए जाएंगे। उन्होंने घोषणा की कि बाढ़ में जान गंवाने वाले परिवारों को पांच लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा और अर्थिक सहायता के साथ प्रभावित परिवारों को रोजगार भी प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, मृतकों के परिवार के एक सदस्य को होमगार्ड की नौकरी दी जाएगी।
उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि राहत कार्यों में कोई कसर न छोड़ी जाए और प्रभावित लोगों को सभी प्रकार की मदद तुरंत उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं को भी बेहतर बनाने के आदेश दिए ताकि बाढ़ के बाद फैलने वाली बीमारियों से बचा जा सके।
CM ममता बनर्जी की जनता के प्रति प्रतिबद्धता
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बाढ़ जैसी आपदा के समय पूरी संवेदनशीलता और तत्परता दिखाते हुए प्रभावितों के लिए हर संभव सहायता का भरोसा दिया है। उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों में जाकर स्थिति की गंभीरता को समझा और सरकार के सभी संसाधनों का उपयोग कर प्रभावित लोगों की मदद का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री ने पुनर्वास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए कहा कि लोग जल्दी से अपने सामान्य जीवन में लौट सकें, यह उनकी प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी जिम्मेदारी को निभाते हुए न केवल राहत कार्यों की निगरानी की है, बल्कि राज्य की जनता के लिए भूटान से मुआवजे की मांग कर एक मजबूत संदेश भी दिया है। यह कदम उनकी दूरदर्शिता और क्षेत्र के विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 13 अक्टूबर 2025 को जलपाईगुड़ी के नागराकाटा में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर राहत कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने पड़ोसी देश भूटान से बाढ़ के लिए मुआवजा मांगा और भारत-भूटान नदी आयोग के गठन की जरूरत बताई। साथ ही उन्होंने प्रभावित लोगों को पांच लाख रुपये मुआवजा और रोजगार का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री की यह पहल प्रभावित जनता के लिए उम्मीद की किरण बनी है। CM ममता बनर्जी ने अपनी कर्तव्यनिष्ठा और जनता के प्रति जागरुकता का परिचय देते हुए बाढ़ से निपटने में एक मजबूत भूमिका निभाई है।
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