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आयकर विभाग का बड़ा अलर्ट! ITR में गैप पकड़ा गया? घबराएं नहीं, ये है असली सच

आयकर विभाग का बड़ा अलर्ट! ITR में गैप पकड़ा गया? घबराएं नहीं, ये है असली सच आयकर विभाग का बड़ा अलर्ट! ITR में गैप पकड़ा गया? घबराएं नहीं, ये है असली सच

आयकर विभाग ने करदाताओं के लिए एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है, जो हाल ही में भेजे गए संदेशों को लेकर भ्रम को दूर करता है। ये संदेश केवल सलाहकारी हैं और स्वैच्छिक अनुपालन को बढ़ावा देने के लिए हैं, न कि किसी सख्त कार्रवाई की शुरुआत। यदि आपको आयकर विभाग से ITR संबंधी मैसेज मिला है, तो यह जानना जरूरी है कि यह सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। विभाग ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि ये नोटिस केवल उन मामलों में भेजे गए जहां आयकर रिटर्न (ITR) में खुलासे और रिपोर्टिंग एजेंसियों से मिली जानकारी में बड़ा फर्क दिखा। करदाता अब चिंता मुक्त हो सकते हैं, क्योंकि समय रहते सुधार का पूरा मौका है। आकलन वर्ष 2025-26 के लिए 31 दिसंबर तक रिटर्न संशोधित या विलंबित दाखिल करने की अंतिम तारीख है।

यह अभियान आयकर विभाग की डिजिटल पहल का हिस्सा है, जो करदाताओं को उनकी वार्षिक सूचना विवरण (AIS) चेक करने और अनुपालन पोर्टल पर फीडबैक देने के लिए प्रोत्साहित करता है। यदि सब सही है, तो मैसेज को इग्नोर कर दें। देशभर में लाखों करदाता इस स्थिति से गुजर रहे हैं, खासकर उच्च मूल्य के लेन-देन वाले। सही कदम उठाने से पेनल्टी और परेशानी से बचा जा सकता है।

आयकर विभाग के संदेशों का पूरा राज़: क्यों और कैसे भेजे गए?

आयकर विभाग ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि ये संचार प्रवर्तन कार्रवाई नहीं, बल्कि जागरूकता बढ़ाने के लिए हैं। रिपोर्टिंग एंटिटी जैसे बैंक, म्यूचुअल फंड कंपनियां, प्रॉपर्टी डीलर और अन्य वित्तीय संस्थान विभाग को सभी बड़े लेन-देन की जानकारी देते हैं। जब ITR में ये डिटेल्स मैच नहीं करते, तो सिस्टम ऑटोमैटिक अलर्ट जेनरेट करता है। उदाहरण के लिए, यदि आपने 50 लाख का प्रॉपर्टी खरीदा लेकिन ITR में आय कम दिखाई, तो फर्क पकड़ा जाएगा। यह प्रक्रिया प्रथम दृष्टया (प्राइमा फेसी) विसंगतियों पर आधारित है, न कि गहन जांच पर।

आयकर विभाग का बड़ा अलर्ट! ITR में गैप पकड़ा गया? घबराएं नहीं, ये है असली सच

विभाग की यह रणनीति पिछले कुछ वर्षों से चल रही है, लेकिन AY 2025-26 में इसे और मजबूत किया गया है। आयकर विभाग का उद्देश्य कर चोरी रोकना है, लेकिन बिना डर के अनुपालन सुनिश्चित करना। करदाताओं को AIS में लॉगिन कर अपनी जानकारी वेरिफाई करने को कहा गया है। AIS एक केंद्रीकृत डेटाबेस है, जिसमें आपकी सैलरी, कैपिटल गेन, डिविडेंड, FD ब्याज सब कुछ रिकॉर्ड होता है। यदि AIS सही लगे लेकिन ITR में गलती हो, तो तुरंत सुधारें।

विदेशी आय और संपत्ति पर विशेष नजर है। पिछले महीने शुरू हुए ‘नज्ड’ कैंपेन में AEOI (ऑटोमैटिक एक्सचेंज ऑफ इंफॉर्मेशन) से मिले डेटा पर 25,000 हाई-रिस्क केस चिह्नित किए गए। ब्लैक मनी एक्ट 2015 के तहत विदेशी अकाउंट या प्रॉपर्टी न छुपाने की सख्त हिदायत है। आयकर विभाग ने SMS और ईमेल से अलर्ट भेजे, जिसमें AIS चेक और 31 दिसंबर तक रिवाइज करने को कहा। यह कैंपेन दिसंबर मध्य से और फैलेगा, तो सतर्क रहें।

रिफंड क्लेम पर भी असर पड़ा है। CBDT चेयरमैन रवि अग्रवाल ने नवंबर में बताया कि हाई-वैल्यू या रेड-फ्लैग्ड रिफंड की स्क्रूटनी से देरी हो रही। गलत दावे जैसे फर्जी HRA या 80C डिडक्शन पकड़े जा रहे। लो-वैल्यू रिफंड नॉर्मल जारी हो रहे, लेकिन बड़े वाले दिसंबर तक क्लियर होंगे। आयकर विभाग का यह कदम सिस्टम को मजबूत बनाता है।

आयकर विभाग का बड़ा अलर्ट! ITR में गैप पकड़ा गया? घबराएं नहीं, ये है असली सच

कई करदाता घबरा रहे हैं, सोचते हैं कि नोटिस आ जाएगा। लेकिन आयकर विभाग ने दोहराया कि ये केवल एडवाइजरी हैं। यदि आपका PAN कार्ड एक्टिव है और e-फाइलिंग पोर्टल पर प्रोफाइल अपडेटेड, तो आसानी से चेक कर सकते हैं। विभाग की वेबसाइट पर e-कैंपेन सेक्शन में सभी अपडेट मिलेंगे।

AIS चेक से अनुपालन पोर्टल तक: स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

आयकर विभाग ने AIS और अनुपालन पोर्टल को केंद्र में रखा है। सबसे पहले e-filing.incometax.gov.in पर PAN-Aadhaar से लॉगिन करें। AIS टैब में FY 2024-25 चुनें, जहां सारी जानकारी दिखेगी। हर एंट्री जैसे ‘Interest Income’ या ‘Property Transaction’ पर क्लिक कर डिटेल्स देखें। यदि ITR से मैच न करे, तो ‘Feedback’ ऑप्शन में कारण बताएं जैसे ‘Already Reported’ या ‘Incorrect Info’।

अनुपालन पोर्टल Compliance.e-filing.incometax.gov.in अलग है, जहां आयकर विभाग के मैसेज दिखेंगे। ‘Pending Actions’ में जाएं, फीडबैक सबमिट करें। यह प्रक्रिया 24-48 घंटे में अपडेट हो जाती। यदि रिटर्न फाइल नहीं किया, तो ‘File ITR’ चुनें। विलंबित ITR के लिए ITR-1 से ITR-4 तक फॉर्म उपलब्ध।

आयकर विभाग का बड़ा अलर्ट! ITR में गैप पकड़ा गया? घबराएं नहीं, ये है असली सच

AY 2025-26 के नए ITR फॉर्म्स में बदलाव हैं। लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर 12.5% फ्लैट रेट, HRA के लिए अतिरिक्त प्रमाण, क्रिप्टो ट्रांजेक्शन डिटेल्स अनिवार्य। आयकर विभाग ने सॉफ्टवेयर अपडेटेड, तो Excel यूटिलिटी डाउनलोड करें। संशोधन के लिए ‘Revised Return’ ऑप्शन यूज करें, पुराना Ack नंबर डालें।

विलंबित ITR पर पेनल्टी: धारा 234F के तहत 1,000 (5,000 तक अगर टर्नओवर 1 करोड़ से ज्यादा)। ब्याज 1% प्रति माह। लेकिन रिफंड क्लेम वैलिड, बस प्रोसेसिंग लेट। आयकर विभाग ने 31 दिसंबर के बाद अपडेटेड रिटर्न बंद करने की चेतावनी दी। मोबाइल ऐप से भी AIS चेक संभव, QR कोड स्कैन करें।​ यदि विदेशी इनकम है, तो Schedule FA भरें। AEOI से UAE, सिंगापुर जैसे देशों के बैंक डेटा आता। गलती सुधारने से 200% तक पेनल्टी बच सकती। आयकर विभाग की हेल्पलाइन 1800-103-0025 या चैटबॉट से मदद लें।

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