भारत की अर्थव्यवस्था ने दूसरी तिमाही में तेज रफ्तार पकड़ ली। जीडीपी वृद्धि 8.2 प्रतिशत रही। यह छह तिमाहियों की सबसे तेज गति है। यह वृद्धि उम्मीद से ज्यादा है। अर्थशास्त्रियों ने 7.3 प्रतिशत का अनुमान लगाया था। जुलाई से सितंबर तक यह सुधार हुआ। कम आधार प्रभाव ने मदद की। वृद्धि पिछले साल की 5.6 प्रतिशत से ज्यादा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे प्रोत्साहन बताया। उन्होंने कहा कि नीतियां काम कर रही हैं। सुधार जारी रहेंगे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी इसे मजबूत बताया।
जीडीपी वृद्धि के प्रमुख कारण

जीएसटी दर कटौती ने उपभोग बढ़ाया। त्योहारों से पहले उत्पादन तेज हुआ। फैक्ट्रियां ज्यादा सामान बनाईं। GDP वृद्धि में यह बड़ा योगदान है। ग्रामीण मांग मजबूत रही। अच्छी फसल ने किसानों की आय बढ़ाई। दोपहिया बिक्री में उछाल आया। उपभोग खर्च 7.9 प्रतिशत बढ़ा। यह जीडीपी का 57 प्रतिशत है। GDP वृद्धि को बल मिला।
उद्योग उत्पादन में तेजी आई। विनिर्माण क्षेत्र 9.1 प्रतिशत बढ़ा। निर्माण 7.2 प्रतिशत आगे हुआ। सेवा क्षेत्र ने भी योगदान दिया। कम मुद्रास्फीति ने वास्तविक GDP को चमकाया। सरकारी खर्च थोड़ा कम हुआ। यह 2.7 प्रतिशत घटा। फिर भी कुल जीडीपी वृद्धि मजबूत रही। निर्यात में शुरुआती तेजी ने मदद की। अमेरिकी शुल्क से पहले सामान भेजा गया।
कम मूल्य वृद्धि ने खरीदारी बढ़ाई। भोजन महंगाई घटी। लोग ज्यादा सामान खरीदे। जीडीपी वृद्धि अपेक्षा से ऊपर रही। मुख्य आर्थिक सलाहकार ने पूरे साल 7 प्रतिशत का अनुमान लगाया।
भविष्य की संभावनाएं और चुनौतियां

जीएसटी सुधार का पूरा असर तीसरी तिमाही में दिखेगा। आयकर में छूट ने आमदनी बढ़ाई। आरबीआई ने ब्याज दरें कम कीं। ग्रामीण और शहरी मांग दोनों मजबूत होंगी। GDP वृद्धि बरकरार रहेगी। नाममात्र जीडीपी 8.7 प्रतिशत रही। यह कम है। फिर भी वास्तविक जीडीपी अच्छी है। आधार वर्ष 2022-23 पर बदलाव हो रहा। नई गणना फरवरी 2026 में आएगी।
विशेषज्ञों ने सतर्क रहने को कहा। निजी निवेश अभी कम है। शहरी खपत सुस्त है। फिर भी भारत दुनिया की सबसे तेज अर्थव्यवस्था है। चीन की 4.8 प्रतिशत से ज्यादा। जीडीपी वृद्धि 4 ट्रिलियन डॉलर पार करेगी। क्रिसिल के धर्मकीर्ति जोशी ने आधार बदलाव बताया। डीबीएस बैंक की राधिका राव ने मुद्रास्फीति पर जोर दिया। कोटक की उपासना भारद्वाज ने दर कटौती की उम्मीद जताई। वेदांत के अनिल अग्रवाल ने लचीलापन सराहा।
सरकार निवेश बढ़ाएगी। बुनियादी ढांचे पर खर्च होगा। सुधार जारी रहेंगे। जीडीपी वृद्धि दोहरे अंक की ओर बढ़ेगी। किसान मजबूत होंगे। उद्योग फलेंगे-फूलेंगे। यह जीडीपी वृद्धि देश के लिए अच्छी खबर है। नीतियां सही दिशा में हैं। लोग कड़ी मेहनत कर रहे। त्योहारों में खरीदारी बढ़ेगी। अर्थव्यवस्था चलेगी। भविष्य उज्ज्वल है।
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