26 अक्टूबर 2025, नई दिल्ली: Gold Rate Crash के बाद सोने की कीमतों में पिछले चार कारोबारी दिनों में लगभग 7000 रुपये प्रति 10 ग्राम की बड़ी गिरावट दर्ज हुई है। यह गिरावट घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में देखने को मिली है और इस वजह से सोना खरीदने वालों के लिए अच्छी खबर बन गई है।
सोने की कीमतों में गिरावट के मुख्य कारण
सोने की कीमतों में आई अचानक भारी गिरावट के कई कारण हैं। सबसे बड़ा कारण यह है कि सोने की कीमतें पिछले कुछ समय में अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थीं। इसके चलते निवेशक मुनाफा लेने लगे। इसके अतिरिक्त, अमेरिका और चीन के बीच टैरिफ तनाव में कमी आई है, जिससे कीमती धातु की तेजी पर ब्रेक लगा है। इस वजह से Gold Rate Crash हुआ और सोने की मांग में कमी आई जिससे कीमतें नीचे आ गईं।
हाल में सोने के दामों में हुआ भारी बदलाव

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर 20 अक्टूबर को 999 शुद्धता वाले सोने का भाव 1,30,624 रुपये प्रति 10 ग्राम था। फिर पांच कारोबारी दिनों में यह गिरकर 1,23,255 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। घरेलू बाजार में भी 24 कैरेट के सोने का दाम सोमवार को 1,26,730 रुपये था जो शुक्रवार को गिरकर 1,21,518 रुपये रह गया। यह गिरावट MCX सहित पूरे देश के बाजार में दिखी।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी Gold Rate Crash का असर
दुनिया के प्रमुख सोना खरीदने वाले बाजारों में भी इस गिरावट का असर साफ देखा गया है। कुछ हफ्तों पहले सोने के दाम रिकॉर्ड ऊंचाई पर थे और इसके बाद मंगलवार को कीमतों में 6.3 प्रतिशत तक भारी गिरावट आई। यह गिरावट एक दिन में सोने के दामों में अब तक की सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है। इस अचानक गिरावट के बावजूद, कई जगहों पर सोने की खरीदारी बढ़ी क्योंकि कई लोग इसे खरीदने का सही मौका मान रहे हैं।

सोना खरीदने वालों के लिए यह समय अवसर
Gold Rate Crash के बाद सोना खरीदने वालों के लिए यह एक अनुकूल समय कहा जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट केवल थोड़ी अवधि के लिए हो सकती है। यदि निवेशक सोच-समझ कर सही समय पर खरीदारी करते हैं, तो भविष्य में सोने से अच्छा मुनाफा संभव है।
26 अक्टूबर 2025 तक Gold Rate Crash ने भारत सहित विश्व भर के बाजारों में सोने की कीमतों को प्रभावित किया है। घरेलू बाजार में चार दिनों में सोना लगभग 7000 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हुआ है। यह गिरावट दुनिया के कई बड़े बाजारों में भी देखी गई। हालांकि यह गिरावट निवेशकों के लिए एक मौका भी लेकर आई है, जिससे सही समय पर सोना खरीदना फायदेमंद साबित हो सकता है।
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