सोसाइटी जनरल के विशेषज्ञों ने सोने की कीमत की रैली को 2026 में 5000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने का साहसिक अनुमान लगाया है, जो अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड्स को पूरी तरह पछाड़ देगी। यह पूर्वानुमान गोल्ड रेट्स में निवेशकों के लिए एक बड़ा संकेत है, खासकर जब वैश्विक जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताएं और आर्थिक नीतिगत बदलाव सोने को सुरक्षित हेवन एसेट के रूप में मजबूत कर रहे हैं। किटको न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, यह रैली सेंट्रल बैंकों की भारी खरीदारी और ईटीएफ में मजबूत प्रवाह से प्रेरित है, जिसने 2025 में सोने की कीमतों को 50% से अधिक ऊंचा उठा दिया है।
गोल्ड रेट्स में तेजी के पीछे की गहराई
सोसाइटी जनरल के विश्लेषक माइकल हाइघ और बेन हॉफ ने अपनी ताजा रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि गोल्ड रेट्स का यह उछाल कोई संयोग नहीं, बल्कि संरचनात्मक बुल साइकिल का हिस्सा है। वर्तमान में स्पॉट गोल्ड 4100 डॉलर से ऊपर ट्रेड कर रहा है, जो साल भर में 150% से अधिक की कुल वृद्धि दर्शाता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ट्रेड पॉलिसी, टैरिफ युद्ध और फेडरल रिजर्व की ब्याज दर कटौतियां डॉलर को कमजोर कर रही हैं, जिससे निवेशक सोने की ओर रुख कर रहे हैं।
बैंक ऑफ अमेरिका (बीओए) ने भी 2026 के लिए 5000 डॉलर/औंस का लक्ष्य बढ़ाया है, जबकि सिल्वर को 65 डॉलर तक देखा जा रहा है। मेटल्स फोकस कंसल्टेंसी का अनुमान है कि औसतन 4560 डॉलर रहेगा, लेकिन ऊपरी स्तर पर 5000 डॉलर का टेस्ट निश्चित है। भारत में गोल्ड रेट्स दिसंबर 2025 तक 24 कैरेट सोने के 10 ग्राम के लिए 1,34,720 रुपये को पार कर चुके हैं, जो वैश्विक ट्रेंड्स का सीधा प्रतिबिंब है। दुबई जैसे अंतरराष्ट्रीय हब में प्रीमियम 19% ऊंचा है, जो भारतीय बाजार की मजबूत मांग को रेखांकित करता है।

इस तेजी के अन्य कारणों में चीन और रूस जैसे देशों की सेंट्रल बैंक खरीदारी शामिल है, जो 2025 में 1000 टन से अधिक सोना जमा कर चुके हैं। वैश्विक कर्ज संकट और मुद्रास्फीति की आशंकाएं निवेशकों को स्टॉक्स और बॉन्ड्स से दूर कर रही हैं। स्टैंडर्ड चार्टर्ड ने 4488 डॉलर और गोल्डमैन सैक्स ने 4900 डॉलर का लक्ष्य रखा है, जो सर्वसम्मति की ओर इशारा करता है।
2026 की भविष्यवाणी: सोना क्यों डॉलर-बॉन्ड्स को पछाड़ेगा?
सोसाइटी जनरल का दावा है कि गोल्ड रेट्स न केवल शेयर बाजारों को outperform करेगा, बल्कि यूएस ट्रेजरी बॉन्ड्स और डॉलर इंडेक्स को भी पीछे छोड़ देगा। इसका कारण नीतिगत अनिश्चितताएं हैं, जैसे ट्रंप प्रशासन की फिस्कल ईजिंग और ट्रेड वॉर। एचएसबीसी और जेपी मॉर्गन जैसे बैंक जियोपॉलिटिकल जोखिमों—मिडिल ईस्ट टेंशन से लेकर यूक्रेन युद्ध तक—से 5000 डॉलर की संभावना को मजबूत मानते हैं।
ईटीएफ फ्लोज 2025 के 75-100% स्तर पर बने रहने की उम्मीद है, जबकि उभरते बाजारों में रिटेल डिमांड 20% सालाना बढ़ सकती है। अगर डॉलर में और 10% गिरावट आई या रिस्क-ऑन एसेट्स में अस्थिरता बढ़ी, तो बुल केस में 5500 डॉलर भी संभव है। सिल्वर के लिए 62 डॉलर का लक्ष्य इंडस्ट्रियल डिमांड (सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स) से समर्थित है। भारत-पाकिस्तान जैसे क्षेत्रीय टेंशन गोल्ड रेट्स को और बूस्ट दे सकते हैं।
लॉन्ग-टर्म चार्ट्स दिखाते हैं कि सोना 1980 के हाईज को समायोजित मुद्रास्फीति के बाद पार कर चुका है। गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि सेंट्रल बैंक रिजर्व डाइवर्सिफिकेशन सोने को 20% पोर्टफोलियो हिस्सा बना देगा। ये सभी फैक्टर मिलकर 2026 को गोल्ड रेट्स का स्वर्णिम वर्ष बनाते हैं।
भारत में वर्तमान गोल्ड रेट्स: शहरवार अपडेट
दिसंबर 2025 में भारत के प्रमुख शहरों में गोल्ड रेट्स में लगातार उछाल देखा गया। 17 दिसंबर को बैंगलोर में 24 कैरेट सोना 1,38,646 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंचा, जबकि मुंबई में 1,36,500 रुपये रहा। दिल्ली में 1,37,200 रुपये और कोलकाता में 1,35,800 रुपये के आसपास ट्रेड हुआ।
22 कैरेट गोल्ड मुंबई में 1,22,233 रुपये, दिल्ली में 1,23,450 रुपये पर रहा। पिछले 10 दिनों में औसत 1.69% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो वैश्विक स्पॉट प्राइस 4000 डॉलर के करीब स्थिर रहने से मेल खाती है। हैदराबाद और चेन्नई में प्रीमियम 2-3% ऊंचा रहा, ज्वेलरी डिमांड के चलते।
महाराष्ट्र और कर्नाटक में GST के बाद प्रभावी रेट्स 3% टैक्स सहित 1,41,000 रुपये के पार। सिक्कों और बार्स में 1-2% अतिरिक्त प्रीमियम। यह ट्रेंड शादी सीजन और फेस्टिवल डिमांड से प्रेरित है।
वैश्विक बाजारों में गोल्ड रेट्स का ट्रेंड
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कॉमेक्स गोल्ड 4050-4150 डॉलर के दायरे में रहा, लंदन फिक्स पर 4025 डॉलर। एशिया में शंघाई गोल्ड एक्सचेंज पर 480 डॉलर/ग्राम (CNY में)। यूरोपीय बाजारों में यूरो/गोल्ड रेशियो गिरावट में, डॉलर कमजोरी से।
2025 में कुल 35% YTD गेन, दिसंबर में 5% मंथली। फ्यूचर्स मार्केट में 2026 कॉन्ट्रैक्ट्स 4800 डॉलर पर ट्रेड। माइनिंग स्टॉक्स जैसे न्यूमॉन्ट और बैरक गोल्ड 20-30% ऊपर।
निवेशकों के लिए रणनीतिक सलाह
गोल्ड रेट्स में शॉर्ट-टर्म कंसॉलिडेशन संभव, लेकिन लॉन्ग-टर्म बुलिश आउटलुक अटल है। डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो में 5-15% सोना रखें—ETF, फिजिकल या माइनर्स के जरिए। भारत में हॉलमार्क्ड ज्वेलरी चुनें, 8% GST और 1-3% मेकिंग चार्जेस पर नजर।
सोने पर SIP शुरू करें, मंथली 10-20% डिप्स पर खरीदें। सिल्वर को 10% अलोकेशन दें, 62-65 डॉलर टारगेट पर। जोखिम: अगर फेड हाइक रेट्स या स्टॉक्स रैली, तो 10% करेक्शन। किटको, जेपी मॉर्गन जैसे स्रोतों से डेली अपडेट लें।
रिटेल निवेशक डीमैट गोल्ड या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स चुनें, 2.5% ब्याज बोनस के साथ। HNI के लिए फ्यूचर्स/MCX ट्रेडिंग, लेकिन लीवरेज सावधानी से। 2026 में 33% अपसाइड पोटेंशियल, लेकिन पेशेंस जरूरी।