आज देश के सिनेमा प्रेमियों के लिए खास दिन है। धुरंधर आखिरकार बड़े पर्दे पर धूम मचाने आ चुकी है। रिलीज होते ही यह फिल्म चर्चा में है। बड़े पैमाने पर, स्टार कास्ट और विवादों के बीच ‘धुरंधर’ ने एक अलग ही पहचान बना ली है। आइए जानें, क्यों ‘धुरंधर’ बन रही है 2025 की सबसे सुनसान चर्चित फिल्मों में से एक।
फिल्म की रूप-रेखा और पृष्ठभूमि
‘धुरंधर’ को निर्देशित किया है Aditya Dhar ने। 5 दिसंबर 2025 को रिलीज़ हुई यह फिल्म भारत में अभी काफी सुर्खियाँ बटोर रही है। फिल्म की कहानी जासूसी मिशन और खुफिया अभियानों के इर्द-गिर्द घूमती है। इसमें आतंकवाद, खुफिया तंत्र और कई साजिशों को दिखाया गया है। ‘धुरंधर’ को एक ग्रिट्टी और सच्चे स्पाई थ्रिलर के रूप में पेश किया गया है।
‘धुरंधर’ अपने ग्रैंड स्केल और दर्शकों की उम्मीदों के साथ आई है। इसकी बजट और निर्माण का दायरा बहुत बड़ा है। कहा जा रहा है कि यह भारत की सबसे महंगी स्पाई-एक्शन फिल्मों में से एक है।

लंबाई, सर्टिफिकेशन और रिलीज़ से जुड़ी बातें
‘धुरंधर’ का सबसे बड़ा चर्चा का विषय है — इसकी अवधि। फिल्म की कुल लंबाई 214 मिनट यानी 3 घंटे 34 मिनट है। यह पिछले करीब 17-20 सालों में बॉलीवुड की सबसे लंबी फिल्म है। कई हिंसात्मक दृश्यों और बोलचाल की भाषा के कारण, फिल्म को मिला है ‘A’ (Adults Only) सर्टिफिकेट। इस सर्टिफिकेशन के लिए कुछ दृश्यों में हिंसा को नरम किया गया है और कुछ गाली-गलौज को म्यूट किया गया है।
इतना बड़ा प्रोजेक्ट और लंबा कापी दिखाता है कि ‘धुरंधर’ केवल एक फिल्म नहीं — यह एक अनुभव है। इसके अलावा, पोस्ट-क्रेडिट में लगभग चार मिनट की एक सीन भी है, जो आगे आने वाले महत्त्वपूर्ण हिस्सों का संकेत देती है।
अभिनय और स्टार कास्ट: वजह बड़ी उम्मीद की
‘धुरंधर’ की सबसे बड़ी ताकत है इसकी स्टार कास्ट — Ranveer Singh, Akshaye Khanna, R. Madhavan, Sanjay Dutt, Arjun Rampal और Sara Arjun। प्रथम स्क्रीनिंग के बाद दर्शकों और समीक्षकों ने अभिनय को खूब सराहा है। कई लोगों ने कहा कि पहली झलक में ही फिल्म ने सनसनी फैला दी। “Akshaye Khanna effortlessly commanding and so charming,” जैसा सोशल मीडिया पर लिखा गया।

कुछ यूजर्स ने कहा:
“Just finished Dhurandhar first half. It’s too tight and gripping.”
ऐसा कहा जा रहा है कि ‘धुरंधर’ में अभिनय, पटकथा और थ्रिलरस माहौल ऐसा है, जो दर्शकों को सीट से बांधे रखता है।
आलोचना और चिंताएँ — क्या धुरंधर पूरी तरह बेजोड़ है?
जहाँ कई लोग इस फिल्म की सराहना कर रहे हैं, वहीं कुछ आलोचनाएँ भी हो रही हैं। सबसे बड़ी शिकायत है फिल्म की लंबाई। कुछ दर्शकों के अनुसार 3 घंटे 34 मिनट बहुत लम्बा है, खासकर अगर कहानी धीरे-धीरे बढ़े तो।
कई लोग पहले भाग को ‘थोड़ा खिंचा हुआ’ बता रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि पहले घंटे में कहानी धीरे आगे बढ़ी, और गति तेज नहीं थी। इसके अलावा, इस फिल्म के एक ग्रुप लोगों द्वारा यह भी चिंता जताई जा रही है कि इतनी लंबी फिल्म और फिर अगला भाग कहीं यह पहले भाग की तैयारी मात्र न हो जाए। जैसा कि एक यूजर ने कहा:
“My worry is this: The movie spends way too much time setting up the world… actual emotional payoffs keep getting pushed to part 2.”
कुछ लोग यह सोचते हैं कि इतना बड़ा स्केल और कई सब-प्लॉट्स के बीच कहानी कहीं खो सकती है। इस तरह की आलोचना भी ‘धुरंधर’ के सामने है।
कानूनी विवाद और सेंसर बोर्ड की भूमिका
‘धुरंधर’ का रिलीज़ पहले विवादों से घिरा रहा। कई लोगों ने दावा किया कि फिल्म किसी असली शहीद या उनकी ज़िंदगी से प्रेरित हो सकती है। खासकर Major Mohit Sharma के परिवार ने आपत्ति जताई थी।
लेकिन बाद में Central Board of Film Certification (CBFC) ने पूरी जांच के बाद तय किया कि ‘धुरंधर’ किसी भी असली व्यक्ति या घटना से सीधा या अस सीधा मिलाजुला नहीं है। इसे एक काल्पनिक (fictional) फिल्म माना गया। जिससे फिल्म को रिलीज़ के लिए हरी झंडी मिली।

सेंसर बोर्ड ने हिंसात्मक दृश्यों और आपत्तिजनक संवादों में कटौती करने, और कुछ दृश्यों को हल्का करने का निर्देश दिया। इसके बाद फिल्म को ‘A’ सर्टिफिकेट मिला।
बॉक्स ऑफिस की शुरुआती हलचल
‘धुरंधर’ की रिलीज़ से पहले ही एडवांस बुकिंग में जबरदस्त उछाल देखा गया था। कई शहरों में टिकटें बहुत पहले से बिकने लगी थीं। कई trade विशेषज्ञों और विश्लेषकों का कहना है कि पहले दिन की कमाई 20–25 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है।
अगर फिल्म अच्छा चलता है, तो ‘धुरंधर’ बॉक्स ऑफिस पर एक बड़ी सफलता बन सकती है। हालांकि, इस फिल्म को हिट या फ्लॉप कहना अभी जल्दबाजी होगी। क्योंकि बजट और लागत काफी बड़ी हैं।
‘धुरंधर’ का महत्व — क्यों है यह फिल्म खास?
- ‘धुरंधर’ एक स्पाई-थ्रिलर है जिसने बॉलीवुड में इस प्रकार की फिल्मों का जोखिम उठाया है। बड़े बजट, बड़े कलाकार और गहरी कहानी — सबकुछ।
- यह फिल्म दिखाती है कि थ्रिलर और जासूसी अब सिर्फ सीमित इंडिपेंडेंट फिल्मों तक नहीं। बड़े सितारों और बड़े बजट में भी ऐसी फिल्में बन सकती हैं।
- स्टोरी, अभिनय और तकनीक — तीनों में अगर संतुलन रहा, तो ‘धुरंधर’ नए नियम लिख सकती है।
मेरी राय — क्या ‘धुरंधर’ देखना चाहिए?
अगर आप एक्शन-थ्रिलर पसंद करते हैं और लंबे समय से ऐसा सिनेमा देखना चाहते थे, तो ‘धुरंधर’ आपके लिए एक अच्छा विकल्प है। इसकी लंबाई, बड़े बजट, स्टार कास्ट और कहानी सब मिलकर इसे एक ग्रैंड अनुभव बनाते हैं।
हाँ, अगर आपको लंबे समय तक सीट पर बैठे रहना मुश्किल लगता है, या आप तेज-तर्रार कहानी पसंद करते हैं तो हो सकता है कि शुरुआती भाग में सुस्ती महसूस हो।
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