नई दिल्ली, 31 अक्टूबर 2025: चीन ने हाल ही में भारतीय कंपनियों को रेयर अर्थ मिनरल्स के आयात के लिए लाइसेंस जारी किए हैं। यह निर्णय भारत के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। इस कदम से दोनों देशों के व्यापारिक रिशते मजबूत होने की संभावना है। रेयर अर्थ मिनरल्स आधुनिक उद्योग जैसे इलेक्ट्रिक वाहन और बैटरी स्टोरेज के लिए बेहद जरूरी हैं। चीन ने लंबे समय से विश्व स्तर पर इस खनिज के उत्पादन और निर्यात पर बड़ा नियंत्रण रखा है।
चीन का वैश्विक उत्पादन कुल रेयर अर्थ का लगभग 70 फीसदी हिस्सा है। इसलिए इसका भारत को मिलने वाला यह लाइसेंस महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे भारत को आवश्यक खनिजों की भरोसेमंद आपूर्ति सुनिश्चित होगी। यह सीधे तौर पर भारतीय उद्योगों को फायदा पहुंचाएगा।
भारत-चीन व्यापार संबंधों में सुधार का संकेत
चीन का यह लाइसेंस उस समय मिला है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की हालिया मुलाकात हुई थी। इस दौरान चीन ने टैरिफ में 10 फीसदी की कमी करने की घोषणा की। साथ ही चीन ने रेयर अर्थ सप्लाई और सोयाबीन आयात बढ़ाने का वादा किया। चीन ने भारत को कुछ खनिजों के निर्यात पर पिछले साल जो रोक लगाई थी, वह चुनौतियां पैदा कर रही थी। इस नए कदम से उन चुनौतियों का समाधान होगा।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि कुछ भारतीय कंपनियों को चीन से रेयर अर्थ मिनरल्स के आयात के लिए लाइसेंस जारी किए गए हैं। हालांकि लाइसेंस की संख्या या आयात की मात्रा का विवरण साझा नहीं किया गया है। यह पहल भारत-चीन संबंधों को मजबूती देने वाली व्यापक कोशिशों का हिस्सा मानी जा रही है। पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के रिश्तों में थोड़ा ठंडापन आया था जो अब धीरे-धीरे ठीक हो रहा है।
चीन ने पहले भी भारत को रोक रखा था
पिछले साल चीन ने भारत सहित कई देशों को उर्वरक और अन्य मिनरल्स निर्यात पर रोक लगाई थी। इसका भारत की रेयर अर्थ मिनरल्स की आपूर्ति पर नकारात्मक असर पड़ा। इस कारण भारतीय उद्योगों को कच्चे माल की कमी झेलनी पड़ी। जून में चीन ने अन्य देशों के लिए प्रतिबंधों में ढील दी, लेकिन भारत के लिए वह रियायत नहीं दी गई थी।
चीन ने हाल ही में रेयर अर्थ और इलेक्ट्रिक बैटरी निर्माण से जुड़ी तकनीक के निर्यात पर भी नई पाबंदियां लगाईं। इससे खनिज आपूर्ति पर चीन के प्रभाव और बढ़ गए थे। इस वजह से भारत ने आपूर्ति श्रृंखलाओं को विविध और स्थिर बनाने की जरूरत महसूस की। चीन का यह नया लाइसेंस उस दिशा में बड़ा कदम है।

भारत के लिए रेयर अर्थ की अहमियत
रेयर अर्थ खनिज भारत के औद्योगिक विकास और तकनीकी प्रगति के लिए बेहद जरूरी हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों, ड्रोन, और उन्नत बैटरी प्रणालियों में इन खनिजों का महत्वपूर्ण उपयोग होता है। भारत में इस क्षेत्र की मांग तेजी से बढ़ रही है।
भारत को उच्च तकनीकी उत्पादों के निर्माण के लिए निरंतर और भरोसेमंद आपूर्ति की जरूरत है। यह लाइसेंस भारत की उस पहुंच को मजबूत और विस्तारित करेगा। इससे घरेलू उद्योगों को उत्पादन क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी और आयात पर निर्भरता भी कम होगी।
31 अक्टूबर 2025 को नई दिल्ली से मिली जानकारी के अनुसार, चीन का यह निर्णय भारत के लिए आर्थिक और तकनीकी तौर पर बड़ा लाभ दे सकता है। रेयर अर्थ खनिजों के आयात की यह सहूलियत भारतीय उद्योगों की स्थिरता और विकास में कारगर साबित होगी। साथ ही यह भारत-चीन के बीच आर्थिक एवं राजनयिक संबंधों के सुधरने का भी संकेत है।
इस तरह, रेयर अर्थ पर चीन से मिली यह राहत भारत की तकनीकी उन्नति के लिए नई संभावनाओं का रास्ता खोलती है। आने वाले समय में इसका सकारात्मक प्रभाव भारत के उद्योग जगत और व्यापारिक संबंधों पर स्पष्ट दिखाई देगा।
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