नई दिल्ली, 19 नवम्बर 2025: CBSE ने 2026 बोर्ड परीक्षा को लेकर एक अहम नोटिस जारी किया है। यह नोटिस Class 10th और Class 12th के छात्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसमें theory और practical परीक्षा के बीच marks division को लेकर स्पष्ट जानकारी दी गई है। छात्र और स्कूल दोनों अब इस अपडेट से अपने परीक्षा की तैयारी बेहतर तरीके से कर सकेंगे। इस नोटिस में सभी विषयों के लिए CBSE 2026 marks वितरण को विस्तार से बताया गया है।
CBSE के अनुसार, practical, project और internal assessment 1 जनवरी से 14 फरवरी 2026 तक आयोजित किए जाएंगे। यह निर्णय समय पर परीक्षा पूरी कराने और परिणाम प्रक्रिया को सुचारू रखने के लिए लिया गया है। winter-bound स्कूलों में व्यावहारिक परीक्षाएं पहले ही शुरू हो गई हैं, जबकि शेष स्कूलों में तय तिथि से शुरू होंगी।
CBSE ने स्पष्ट किया theory और practical marks division
CBSE ने पहली बार हर विषय के लिए marks distribution की विस्तृत सूची जारी की है। इस सूची को circular के साथ साझा किया गया है ताकि स्कूलों को परीक्षा से पहले तैयारी में कोई दिक्कत न हो। बोर्ड ने यह भी बताया है कि हर विषय का कुल अंक 100 रहेगा। इसमें theory, practical, project work और internal assessment के अंक को बराबर और पारदर्शी तरीके से बांटा गया है।

उदाहरण के तौर पर, जिन विषयों में practical होता है, उनमें theory के 70 अंक और practical के 30 अंक दिए जाएंगे। वहीं कुछ विषयों में project work शामिल है, जिनमें विभिन्न हिस्सों के लिए विशेष अंक तय किए गए हैं। इस तरह अब छात्रों को पहले से पता रहेगा कि उन्हें किस हिस्से पर ज्यादा ध्यान देना है।
CBSE ने schools को निर्देश दिया है कि वे marks upload करते समय सावधानी बरतें। बीते वर्षों में अंक अपलोडिंग में बार-बार त्रुटियां देखी गई थीं। इस बार बोर्ड ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकार की गलती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्कूलों को निर्देशों को ध्यान से पढ़कर ही अंक अपलोड करने होंगे।
CBSE 2026 Marks division से छात्रों को मिलेगी तैयारी में मदद
CBSE 2026 marks division से छात्रों को अब तैयारी की दिशा तय करने में आसानी होगी। पहले कई छात्र confusion में रहते थे कि किस विषय में practical कितना महत्वपूर्ण है। अब उन्हें सभी विषयों का विवरण मिल चुका है। इस बदलाव से परीक्षा की पारदर्शिता बढ़ेगी और स्कूलों की जिम्मेदारी भी तय होगी।
CBSE ने यह भी बताया है कि practical exam के लिए external examiner भेजे जाएंगे। छात्रों को practical answer book भी बोर्ड की ओर से उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा theory परीक्षा के लिए answer sheet के प्रकार और पृष्ठ संख्या की जानकारी भी नोटिस में दी गई है।

स्कूलों को कहा गया है कि वे circular को ध्यान से पढ़ें और किसी बहाने से बाद में correction न मांगें। यह step प्रक्रिया को अधिक संगठित और निष्पक्ष बनाएगा। यह भी सुनिश्चित करेगा कि छात्रों के अंक सही तरीके से दर्ज हों और किसी को बाद में नुकसान न हो।
CBSE 2026 marks system में यह बदलाव इसलिए अहम है क्योंकि यह अगले वर्ष की मूल्यांकन प्रक्रिया को बेहतर बनाएगा। छात्रों और शिक्षकों दोनों को अब पूरी जानकारी पहले से मिल गई है। इस पारदर्शिता से परिणाम की सटीकता में वृद्धि होगी।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से मिलेगा रिकॉर्डेड डेटा
CBSE ने इस बार सभी schools को ऑनलाइन platform पर marks upload करने के निर्देश दिए हैं। इससे सभी आंकड़े एक ही जगह संग्रहित होंगे। छात्रों, अभिभावकों और अधिकारियों को marks verification में सुविधा होगी। CBSE 2026 marks विवरण सीधे बोर्ड की वेबसाइट cbse.gov.in पर देखा जा सकता है।
बोर्ड के इस कदम से छात्रों को काफी राहत मिलेगी। अब वे marks distribution देखकर उसी के अनुसार revision और preparation कर सकेंगे। इससे stress कम होगा क्योंकि उन्हें अब अप्रत्याशित बदलावों का डर नहीं रहेगा।
CBSE के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस बार सभी zones में निगरानी कड़ी रहेगी। किसी भी स्कूल द्वारा समय सीमा पार करने की स्थिति में सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस निर्णय से समय पर परीक्षा प्रक्रिया पूरी होगी और transparency बनी रहेगी। छात्रों को भी सलाह दी गई है कि वे अपने teachers से हर विषय के marks division की जानकारी लें। practical और internal assessment को हल्के में न लें क्योंकि इनके अंक अंतिम result में जोड़ दिए जाते हैं। इस कारण अब सभी छात्रों को balanced तैयारी करनी होगी।

CBSE 2026 marks प्रणाली में theory और practical का संतुलन बनाए रखने पर खास ध्यान दिया गया है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों के समग्र मूल्यांकन को प्रोत्साहित करना है। इससे केवल याददाश्त नहीं बल्कि प्रयोगात्मक और विश्लेषणात्मक सोच को भी महत्व मिलेगा। जनवरी से फरवरी के बीच practical परीक्षा का संचालन चुनौतीपूर्ण होता है क्योंकि स्कूलों का शैक्षणिक सत्र व्यस्त रहता है। लेकिन इस बार पहले से तय समयसारिणी के कारण कोई भ्रम नहीं रहेगा। प्रत्येक विद्यालय को अपने practical schedule की जानकारी पहले से मिलेगी।
CBSE ने साफ कहा है कि किसी भी school को परीक्षा तिथि या नियमों में बदलाव का अधिकार नहीं है। सभी को एक समान प्रक्रिया अपनानी होगी। इस तरह यह circular पूरे देश के स्कूलों के लिए एक समान नीतिगत दस्तावेज बन गया है। CBSE 2026 marks विवरण में transparency बढ़ाने के लिए annexure में प्रत्येक विषय का code, name और marks component दिया गया है। इस सूची से छात्रों को यह जानने में सहूलियत होगी कि उनके विषय में external examiner शामिल है या नहीं।
बोर्ड ने यह भी सुनिश्चित किया है कि theory answer books के लिए पृष्ठ संख्या निश्चित रहे ताकि evaluation में समानता बनी रहे। इन सभी कदमों से CBSE 2026 marks प्रणाली पहले की तुलना में कहीं अधिक संगठित और न्यायसंगत नजर आ रही है। छात्रों को अब चाहिए कि वे अपनी तैयारी उसी के अनुसार करें। जिन विषयों में practical अधिक हैं, वहां अनुभव आधारित अध्ययन करें, और जहां theory प्रमुख है, वहां अवधारणाओं पर ध्यान दें।
CBSE 2026 marks division पर आधारित यह नई नीति छात्रों के लिए लंबे समय तक उपयोगी साबित होगी। यह बदलाव शिक्षा प्रणाली को अधिक व्यावहारिक और मूल्यांकन केन्द्रित बनाता है। स्पष्ट दिशा और नियमों के कारण Class 10th और Class 12th के लाखों छात्रों को अब एक समान अवसर मिलेगा।
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