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एअर इंडिया को पाकिस्तान एयरस्पेस बंदी से 4000 करोड़ रुपये का बड़ा नुकसान

नई दिल्ली, 29 अक्टूबर 2025। इस साल अप्रैल में कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव गहरा गया। इसके चलते दोनों देशों ने एक-दूसरे के हवाई मार्गों को बंद कर दिया। इस वजह से टाटा समूह की स्वामित्व वाली एअर इंडिया को करीब 4000 करोड़ रुपये का भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। यह जानकारी एयरलाइन के सीईओ कैंपबेल विल्सन ने एक हालिया कार्यक्रम में दी।

आतंकवादी हमले के बाद एयरस्पेस बंद, एअर इंडिया को भारी झटका

22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में 26 लोग मारे गए थे। इसके जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया और पाकिस्तान पर जबरदस्त प्रहार किया। तनाव बढ़ने के कारण दोनों देशों ने अपने-अपने हवाई क्षेत्र को एक-दूसरे के लिए बंद कर दिया। इससे एअर इंडिया को अपने कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के रास्ते बदलने पड़े। इन नए रास्तों की वजह से ईंधन की खपत, चालक दल की लागत और उड़ान समय में भारी वृद्धि हुई। सीईओ कैंपबेल विल्सन के मुताबिक, इन परिवर्तनों की वजह से एयरलाइन को लगभग 4000 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। यह नुकसान पहले से ही चुनौतीपूर्ण वित्तीय वर्ष को और भी कठिन बना रहा है।

एअर इंडिया को पाकिस्तान एयरस्पेस बंदी से 4000 करोड़ रुपये का बड़ा नुकसान

यूरोप और उत्तरी अमेरिका के रूट्स पर सबसे अधिक प्रभाव

एअर इंडिया की सबसे व्यस्त और लाभकारी उड़ानें यूरोप और उत्तरी अमेरिका के लिए हैं। पाकिस्तानी एयरस्पेस बंद होने के कारण इन मर्यादित रूट्स को घुमावदार रास्तों से तय करना पड़ रहा है। इससे उड़ान का समय औसतन 60 से 90 मिनट तक बढ़ गया है। ईंधन की खपत बढ़ने के साथ चालक दल की लागत में भी अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। इसके परिणामस्वरूप, एअर इंडिया को परिचालन लागत में भारी इजाफा सहना पड़ रहा है। ये रूट्स कंपनी की कमाई का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, इसलिए इन बाधाओं का असर सीधे कंपनी की वित्तीय स्थिति पर पड़ा है।

परिचालन पर तेजी से आया असर

सीईओ कैंपबेल विल्सन ने बताया कि पाकिस्तान की ओर से जारी नोटिस टू एयर मिशन (NOTAM) ने हवाई यातायात को और भी प्रभावित किया है, खासतौर से राजस्थान और गुजरात के बड़े हिस्सों के आसपास। भारत की तीनों सेनाओं के बड़े सैन्य अभ्यास के कारण ये नोटिस जारी हुए हैं, जो 30 अक्टूबर से 11 नवंबर तक लागू रहेंगे। इस स्थिति ने सीमा पार के हवाई मार्गों को और भी अधिक जटिल बना दिया है।

एअर इंडिया को इन सभी चुनौतियों के बीच अपने संचालन को सहज और सुरक्षित बनाए रखना पड़ रहा है। टाटा समूह की एयरलाइन अपने ग्राहकों को बेहतर सेवा देने और लागत नियंत्रण के लिए निरंतर प्रयासरत है। कंपनी ने नागरिक विमानन मंत्रालय को पहले ही सूचित किया है कि अगर यह एयरस्पेस बंदी लंबे समय तक जारी रही तो नुकसान 5000 करोड़ रुपये से भी अधिक हो सकता है।

विमान दुर्घटना का भी प्रभाव

इस वर्ष जून में अहमदाबाद से लंदन जा रही एक एअर इंडिया उड़ान दुर्घटनाग्रस्त भी हुई, जिसमें 260 लोगों की जान गई। एयरलाइन ने इस दुर्घटना में प्रभावित लोगों और उनके परिवारों को पूरी सहायता देने का आश्वासन दिया है। सीईओ ने कहा कि प्रारंभिक जांच में विमान और उसके इंजन में कोई तकनीकी दोष नहीं पाया गया। कंपनी आगामी फाइनल रिपोर्ट का इंतजार कर रही है और भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के उपाय करेगी।

एअर इंडिया को पाकिस्तान एयरस्पेस की बंदी के कारण भारी वित्तीय और परिचालन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। यूरोप और उत्तरी अमेरिका के प्रमुख रूट्स पर रूट बदलाव से उड़ान समय, ईंधन और क्रू लागत में बृद्धि हुई है। यह नुकसान कंपनी के लिए गंभीर है, जो पहले से एक चुनौतीपूर्ण वर्ष बिताती आ रही है।

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