जेम्स कैमरन की त्रयी का तीसरा अध्याय ‘अवतार: फायर एंड ऐश’ पांडोरा की नीली दुनिया में लौटता है, जहां जेक सुली और नेतिरी का परिवार नेटेयम की दर्दनाक मौत के सदमे से जूझ रहा है। यह फिल्म न केवल इमैकुलेट 3डी विजुअल्स का कमाल है, बल्कि सैन्यवाद, नैतिक द्वंद्व और प्रकृति-मानव संघर्ष की गहराई को भी छूती है, लेकिन द हिंदू की समीक्षा के अनुसार कैमरन का मिलिट्री फेटिशिज्म चमत्कार की मौत का कारण बन गया है। थिएटरों में रिलीज होते ही यह 3 घंटे 17 मिनट की महाकाव्य यात्रा दर्शकों को विजुअल स्पेक्टेकल से मंत्रमुग्ध कर देती है, पर पुरानी कहानी और दोहराव वाली थीम्स कईयों को निराश करती हैं।
पांडोरा का ज्वालामुखी युद्ध और सुली परिवार का संकट
फिल्म की शुरुआत मेटकायिना क्लैन के बीच सुली परिवार के गहन शोक से होती है, जहां नेतिरी (जो सलदाना) मनुष्यों के प्रति गहरी नस्लवादी घृणा से भरी हुई है। अचानक आश पीपल नामक एक आक्रामक नावी ट्राइब, जिसका नेतृत्व फीयरस वरांग (ऊना चैपलिन) करती है, मेटकायिना पर हमला बोल देती है। ये आश पीपल ज्वालामुखी इलाकों में रहने वाले लाल रंग के नावी हैं, जो आग और हिंसा के प्रतीक हैं, और वे ट्रेडिंग शिप्स को जला कर राख कर देते हैं। इस हमले में सुली परिवार बिखर जाता है – लो’अक (ब्रिट्टन गेरुलिस) राइफल से आश लोगों को मारता है, जबकि वरांग नेतिरी को तीर से घायल कर देती है। क्वारिच (स्टीफन लैंग), जो पहले मृत समझा जाता था, अब आश लोगों से गठबंधन कर लेता है, उन्हें हथियार, फ्लेमथ्रोअर और उन्नत तकनीक देकर अपने पाले में ला लेता है।

यह Na’vi बनाम Na’vi का खतरनाक संघर्ष पांडोरा को एक युद्धक्षेत्र में बदल देता है। जेक सुली (सैम वर्थिंगटन) को टोरुक माक्टो के रूप में सभी क्लैनों को एकजुट करना पड़ता है। बीच में ज्वालामुखी विस्फोट, उड़ान भरते ड्रैगन और समुद्री जीवों के साथ हवाई-जलीय युद्ध दृश्य फिल्म को विजुअल फीयास्ट बनाते हैं। रोनल (डेविड हेवेंस) नामक आश पीपल का किरदार महत्वपूर्ण है, जिसकी मौत और उसके बच्चे प्रिल को नेतिरी का गोद लेना इमोशनल टर्निंग पॉइंट साबित होता है। स्पाइडर (जेक चिनी) की भूमिका फैमिली रिकॉन्सिलिएशन लाती है, जबकि क्वारिच और जेक का अंतिम हैंड-टू-हैंड कॉम्बैट RDA के विशाल शिप के विघटन में समाप्त होता है। तुलकुन व्हेल्स और नावी मिलकर RDA फ्लीट को तबाह कर देते हैं, लेकिन यह जीत भारी कीमत पर आती है।
कहानी में कॉलोनाइजेशन का पुनरावलोकन है – अब न केवल मनुष्य, बल्कि नावी भी आक्रामक हो चुके हैं। वरांग का क्वारिच से रोमांटिक और सेक्सुअल रिलेशनशिप RDA बेस पर फिल्माया गया है, जो नैतिक सीमाओं को धुंधला करता है। जेक के बच्चों – नेटेयम की मौत का बदला, लो’अक की विद्रोही प्रवृत्ति, तुले की बहादुरी – पर फोकस परिवार की गतिशीलता को नया आयाम देता है। पांडोरा के नए परिदृश्य, जैसे लावा प्रवाह वाले जंगल और आग की नदियां, कैमरन की दुनिया-निर्माण कला का चरम हैं। लेकिन युद्ध के बीच चमत्कार के क्षण कम हैं, जो पहली अवतार की जादुईता को याद दिलाते हैं।
कैमरन का मिलिट्री फेटिशिज्म और समीक्षकों का प्रहार
द हिंदू की समीक्षा में स्पष्ट कहा गया कि जेम्स कैमरन की सैन्य भक्ति ने फिल्म के चमत्कार को मार डाला। कैमरन, जो ‘टाइटैनिक’ और ‘अवतार’ से पर्यावरण-प्रेमी बने, यहां युद्ध मशीनरी, हथियारों और स्ट्रैटेजी पर फोकस करते हैं। क्वारिच का RDA के साथ आश पीपल को सशस्त्र करना, फ्लेमथ्रोअर के दृश्य, हवाई हमले – ये सब मिलिट्री पॉर्नोग्राफी लगते हैं। समीक्षक मानते हैं कि कैमरन का नौसेना बैकग्राउंड यहां हावी हो गया, जहां नैतिक संदेश युद्ध की भव्यता के नीचे दब जाता है। नेतिरी और वरांग की गुस्से वाली, पितृसत्तात्मक भूमिकाएं महिलाओं को कमजोर दिखाती हैं, जबकि जेक पुरुष नायक बना रहता है।

न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा, “लैंड, वॉटर, एयर से युद्ध!” लेकिन प्लॉट थका हुआ है। बीबीसी कल्चर ने इसे ‘पुरानी फिल्म’ कहा, जहां बच्चों पर ज्यादा फोकस जेक-नेतिरी की केमिस्ट्री को कमजोर करता है। न्यूज18 के अनुसार, विजुअल्स स्टनिंग हैं, लेकिन प्लॉट बॉलीवुडिया – परिवार RDA और आश से भागता रहता है, बिना नए ट्विस्ट के। इंडीवायर ने कैमरन को ‘फॉलन’ बताया, फ्रेंचाइजी थक चुकी है। आईजीएन ने फिनाले को ग्रैटिफाइंग माना, लेकिन डेन ऑफ गीक ने ‘शैलो’ कहा। रॉटन टोमेटोज पर मिश्रित स्कोर, क्रिटिक्स 65% जबकि ऑडियंस 85%।
हिंदुस्तान टाइम्स ने ‘वंडर एंड वॉर’ कहा, लेकिन कोहिएरेंट प्लॉट की कमी। कैमरन का फेटिशिज्म पुराने अवतार में भी था – हेलिकॉप्टर बैटल्स, मिलिट्री स्ट्रैटेजी – लेकिन यहां Na’vi इंट्रा-वार ने इसे बढ़ा दिया। पर्यावरण मैसेज दोहराया गया: “सभी जीवन जुड़े हैं”, लेकिन युद्ध के बीच यह खोखला लगता है। समीक्षक पूछते हैं – क्या कैमरन शांति चाहते हैं या युद्ध का महिमामंडन?
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विजुअल स्पेक्टेकल बनाम स्टोरीटेलिंग की थकान
‘अवतार: फायर एंड ऐश’ के विजुअल्स अघोषित तौर पर सर्वश्रेष्ठ हैं। परफॉर्मेंस कैप्चर, 3डी, IMAX में ज्वालामुखी लावा, फ्लाइंग ड्रैगन बैटल्स, समुद्री-हवाई युद्ध – सब कुछ इमैकुलेट। पांडोरा के नए इलाके, आश पीपल के लाल शरीर, उनके आग-प्रधान संस्कृति ने दुनिया को विस्तार दिया। कैमरन की WETA डिजिटल टीम ने हर फ्रेम को जिंदा कर दिया। दर्शक थिएटर से बाहर आकर कहते हैं, “विजुअल्स माइंडब्लोइंग!”
लेकिन स्टोरीटेलिंग कमजोर। पहली अवतार की खोज, दूसरी की फैमिली ड्रामा, तीसरी युद्ध-केंद्रित – फॉर्मूला दोहराया गया। विलेन क्वारिच दोबारा जीवित, RDA का लालच, नावी की एकता – सब पुराना। बच्चों की सब-प्लॉट्स (लो’अक का विद्रोह, तुले की वीरता) फैमिली ड्रामा जोड़ते हैं, लेकिन पेसिंग सुस्त। सेक्स सीन और हिंसा रेटिंग बढ़ाने लगते हैं। मेनएक्सपी ने ‘मोस्ट एपिक’ कहा, पर ट्विटर पर ‘बोरिंग’ शिकायतें। हिंदी YouTube रिव्यूज में ‘डार्क चैप्टर’ कहा, फायर क्लैन बोल्ड लेकिन रिस्की।
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