भारत में AI चैटबॉट्स की जंग अब चरम पर पहुंच गई है, जहां OpenAI का ChatGPT 7.3 करोड़ दैनिक सक्रिय यूजर्स (DAU) के साथ राज कर रहा है, लेकिन Perplexity AI ग्लोबल यूजर बेस का एक तिहाई हिस्सा भारत से हासिल कर तेजी से उभर रहा है 。 सेंसर टावर की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, Google Gemini के 1.7 करोड़ DAU के मुकाबले Perplexity AI की ग्रोथ 310% सालाना हो गई है, जो इसे भारत का उभरता AI स्टार बना रही है 。 सस्ते डेटा और स्मार्टफोन की भरमार ने AI को आम आदमी तक पहुंचा दिया, जहां फ्रीबीज की होड़ ने बाजार को हिला दिया ।
ChatGPT की बादशाही और Perplexity AI की चुनौती
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्मार्टफोन मार्केट है, जहां 70 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं। सेंसर टावर रिपोर्ट बताती है कि 8 दिसंबर 2025 तक ChatGPT के भारत में 7.3 करोड़ DAU हैं, जो अमेरिका के 3.6 करोड़ से दोगुना ज्यादा है। 607% सालाना बढ़ोतरी के साथ ये आंकड़े चौंकाने वाले हैं, क्योंकि अमेरिका में Gemini के सिर्फ 30 लाख DAU हैं, जबकि भारत में 1.7 करोड़ । Perplexity AI भले DAU में तीसरे नंबर पर हो, लेकिन इसकी ताकत भारत के यूजर्स में है – ग्लोबल बेस का 33% से ज्यादा अब भारत से, जो 2024 के 7% से चार गुना उछाल है ।
इस ग्रोथ का राज साफ है: कम मोबाइल डेटा टैरिफ (1GB के लिए महज 10-15 रुपये) और 5G का विस्तार। भारत में AI चैटबॉट यूजेज US से दोगुना है, क्योंकि यहां यूजर्स शिक्षा, जॉब सर्च, कोडिंग और डेली टास्क्स के लिए AI पर निर्भर हैं। ChatGPT ने 40% ग्लोबल कंज्यूमर स्पेंड कैप्चर किया है, लेकिन Perplexity AI की 22.75% इंडियन ऑडियंस और 6.6% मार्केट शेयर इसे Gemini (दूसरा स्थान) को पीछे छोड़ने की क्षमता दे रही है । रिपोर्ट के मुताबिक, जेनरेटिव AI ऐप्स के H1 2025 में 1.7 बिलियन डाउनलोड्स हुए, IAP रेवेन्यू $1.9 बिलियन पहुंचा । Perplexity AI के ऐप डाउनलोड्स 13.9 मिलियन से ऊपर हैं और हर महीने 435 मिलियन सर्च क्वेरीज हैंडल करता है ।

भारत में AI की पेनेट्रेशन इतनी तेज है कि मैरी मीकर की AI ट्रेंड्स रिपोर्ट में भारत 13.5% ग्लोबल MAU के साथ टॉप पर है। ChatGPT के 470 मिलियन ग्लोबल डाउनलोड्स में भारत का योगदान सबसे बड़ा है। लेकिन Perplexity AI की रणनीति अलग है – ये सर्च-बेस्ड AI है, जो रीयल-टाइम, साइटेड आंसर्स देता है। SimpleQA बेंचमार्क पर 93.9% स्कोर के साथ ये GPT-4o और Claude 3.5 से आगे है । 120 मिलियन टोटल यूजर्स और 1.4 बिलियन मंथली क्वेरीज के साथ Perplexity AI अब मेनस्ट्रीम बन रहा है। एजुकेशन सेक्टर में 14% यूजर्स हैं, जो छात्रों को होमवर्क और रिसर्च में मदद करता है ।
फ्री ऐक्सेस ने खेल बदल दिया। OpenAI ने ChatGPT Go (प्रीमियम, ₹399/महीना) को एक साल फ्री कर दिया, जो Pro वर्जन से ठीक नीचे है । गूगल ने AI Plus प्लान ₹199/महीना (6 महीने ट्रायल) लॉन्च किया, जिसमें Gemini 3 Pro, Nano Banana Pro, Gmail/Docs इंटीग्रेशन और 200GB स्टोरेज मिलता है । जियो ने अनलिमिटेड 5G यूजर्स को 18 महीने Gemini Pro फ्री (₹35,100 वैल्यू) दिया, MyJio ऐप से क्लेम । Perplexity AI के लिए एयरटेल ने सितंबर 2025 से सभी कस्टमर्स (36 करोड़ यूजर्स – प्रीपेड, पोस्टपेड, ब्रॉडबैंड, DTH) को एक साल Pro फ्री ऑफर किया, जो ₹17,000 वैल्यू का है । Airtel Thanks ऐप से एक्टिवेट करें और GPT-4.1, Claude, इमेज जेनरेशन, फाइल अपलोड, डीप रिसर्च पाएं।
फ्रीबीज की होड़ और टेलीकॉम का AI गेम
टेलीकॉम कंपनियां AI को सब्सक्रिप्शन रिटेंशन टूल बना रही हैं। एयरटेल-Perplexity AI पार्टनरशिप सबसे स्मार्ट मूव है। 36 करोड़ कस्टमर्स को फ्री Pro मिला, जिससे Perplexity AI की DAU में उछाल आया। Pro में डेली प्रो सर्चेज अनलिमिटेड, Perplexity Labs से आइडियाज को प्रोजेक्ट्स में कन्वर्ट करें। जियो की Gemini 3 Pro फ्री ऑफर ने 5G यूजर्स को लॉक कर दिया। गूगल का AI Plus वीडियो जेनरेशन और प्रोडक्टिविटी टूल्स के साथ आता है । ये फ्रीबीज भारत के 635 मिलियन न्यू AI यूजर्स (2025) को आकर्षित कर रही हैं ।
Perplexity AI की खासियतें यूजर्स को लुभा रही हैं। ये पारंपरिक सर्च इंजन से अलग है – क्वेरी पर डायरेक्ट, स्रोत-बैकअप आंसर्स देता है। 16 मिलियन DAU और 62% रिटेंशन रेट के साथ ग्रोथ रॉकेट स्पीड पर है । भारत में 310% YoY ग्रोथ, जहां यूजर्स बिजनेस आइडियाज, कोडिंग हेल्प और न्यूज समरी के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। एयरटेल यूजर्स को Thanks ऐप में लॉगिन कर ‘Perplexity Pro’ एक्टिवेट करना है – OTP वेरिफाई और सब्सक्रिप्शन मेल आ जाएगा । जियो यूजर्स MyJio से Gemini Pro क्लेम करें। OpenAI ने दिल्ली में लोकल टीम बनाई, भारत-फोकस्ड फीचर्स ला रही है ।

सेंसर टावर की स्टेट ऑफ AI ऐप्स 2025 रिपोर्ट में भारत AI इनोवेशन हब बनकर उभरा। ChatGPT 2.5 बिलियन डेली प्रॉम्प्ट्स हैंडल करता है, लेकिन Perplexity AI की सटीकता (93.9% बेंचमार्क) डेवलपर्स को पसंद आ रही । फ्री ट्रायल्स से AI एडॉप्शन दोगुना हो गया। छोटे शहरों में भी AI यूज बढ़ा, क्योंकि vernacular सपोर्ट (हिंदी, तमिल) आ गया। Perplexity AI अब हिंदी क्वेरीज पर बेहतर परफॉर्म करता है।
कंपनियों की रणनीति साफ है: फ्री एंट्री से पेड कन्वर्जन। ChatGPT Pro ₹399/महीना, Gemini AI Plus ₹199 शुरू, Perplexity Pro ₹2000/महीना (फ्री ट्रायल के बाद)। लेकिन एयरटेल जैसे ऑफर्स से यूजर्स लॉक्ड-इन हो रहे। 2025 में AI ऐप्स का IAP रेवेन्यू $1.9 बिलियन पहुंचा, भारत कंट्रीब्यूशन 20% से ज्यादा । Perplexity AI की वैल्यूएशन $9 बिलियन हो गई, फंडिंग राउंड्स में भारत को क्रेडिट ।
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