नई दिल्ली, 27 अक्टूबर 2025: चुनाव आयोग ने आज घोषणा की कि देश के 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची पुनरीक्षण यानी SIR कल से शुरू होगा। चुनाव आयोग के मुख्य आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि बिहार में यह प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है। बिहार में मतदान 6 और 11 नवंबर को होगा और नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। बिहार की तैयारी को देखते हुए अन्य राज्यों में यह प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
SIR का उद्देश्य मतदाता सूचियों को सही और अपडेटेड बनाना है। इसके तहत घर-घर जाकर मतदाता जानकारी ली जाएगी। चुनाव आयोग का कहना है कि एक पोलिंग बूथ पर लगभग एक हजार मतदाता होंगे। SIR के ज़रिये सभी मतदाताओं की पहचान और उनकी जानकारी को सही किया जाएगा जिससे चुनाव की पारदर्शिता बढ़ेगी।
SIR की प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज
चुनाव आयोग के मुताबिक, SIR के दूसरे चरण की प्रक्रिया 28 अक्टूबर 2025 से 3 नवंबर 2025 तक प्रिटिंग और ट्रेनिंग के रूप में होगी। फिर 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक घर-घर जाकर मतदाता जानकारी एकत्र की जाएगी। 9 दिसंबर को मतदाता सूची का ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा।

मतदाता बनने के लिए चुनाव आयोग ने कहा है कि व्यक्ति भारत का नागरिक होना चाहिए। उसकी उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए और वह क्षेत्र का स्थायी निवासी होना चाहिए। इसके अलावा, उसे कानून के तहत डिसक्वालिफाई नहीं किया गया होना चाहिए।
मतदाता सूची अपडेट करने के लिए इन दस्तावेज़ों की जरूरत पड़ेगी:
- केंद्र या राज्य सरकार द्वारा जारी पेंशन पेमेंट ऑर्डर
- सरकारी या स्थानीय निकाय, बैंक, पोस्ट ऑफिस, LIC द्वारा जारी सर्टिफिकेट
- पासपोर्ट, जन्म प्रमाणपत्र, जाति प्रमाण पत्र
- एजुकेशनल सर्टिफिकेट और स्थायी निवासी प्रमाणपत्र
- परिवार रजिस्टर और जमीन या मकान का अलॉटमेंट सर्टिफिकेट
SIR के तहत कब-कहां होंगे चुनाव
चुनाव आयोग ने बताया कि जो 12 राज्य SIR में शामिल हैं, वहां आगामी तीन वर्षों में विधानसभा चुनाव होंगे। पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में 2026 में चुनाव होंगे। गोवा, गुजरात और उत्तर प्रदेश में 2027 में चुनाव होंगे। छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान में 2028 में चुनाव होंगे। अंडमान निकोबार और लक्षद्वीप केंद्रशासित प्रदेश होने की वजह से वहां भी SIR लागू होगी।
इस प्रक्रिया से मतदाता सूची और अधिक सटीक होगी और चुनाव आयोग के कामकाज में पारदर्शिता बढ़ेगी। यह चुनाव आयोग की एक महत्वपूर्ण पहल है।
चुनाव आयोग देश के लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रहा है। चुनाव आयोग की इस SIR प्रक्रिया से मतदाता सूची में सुधार होगा और चुनाव प्रक्रिया और अधिक साफ-सुथरी बनेगी। सभी नागरिकों से अनुरोध है कि वे इसे गंभीरता से लें और आवश्यक दस्तावेज़ों के साथ अपना सहयोग दें।
इस विस्तृत SIR प्रक्रिया की शुरुआत 28 अक्टूबर से हो रही है और यह 4 दिसंबर तक चलेगी। देश के लोकतंत्र के लिए यह एक बड़ी और जरूरी प्रक्रिया है। चुनाव आयोग ने इसे पूरे देश में लागू किया है, जिससे चुनाव सही और निष्पक्ष हों।
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