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शेयर बाजार में भारी गिरावट निफ्टी 25800 के नीचे लुढ़का निवेशकों को लगा झटका

शेयर बाजार में भारी गिरावट निफ्टी 25800 के नीचे लुढ़का निवेशकों को लगा झटका

नई दिल्ली, 24 अक्टूबर 2025– शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार पर छह दिनों से जारी तेजी का सिलसिला थम गया। लगातार उछाल के बाद आज सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में गिरावट दर्ज की गई। बीएसई सेंसेक्स 344 अंक गिरकर 84,212 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 96 अंक टूटकर 25,795.15 पर आ गया। निवेशकों ने बैंकिंग, एफएमसीजी और ऑटो शेयरों में मुनाफावसूली की, जिससे बाजार का माहौल कमजोर रहा।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बाजार डगमगाया

पिछले कुछ सेशनों में विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली बढ़ी है। गुरुवार को एफआईआई ने 1,165 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों ने करीब 3,900 करोड़ रुपये की खरीदारी की। लेकिन, विदेशी निकासी ने बाजार को नीचे खींचा। निफ्टी ने 25,750 के नीचे फिसलकर कमजोर संकेत दिए।

शेयर बाजार में भारी गिरावट निफ्टी 25800 के नीचे लुढ़का निवेशकों को लगा झटका

निवेशक सप्ताहांत के पहले लाभ सुरक्षित करने की कोशिश में दिखे। एफएमसीजी कंपनियों के शेयर में सबसे ज्यादा दबाव था, जहां हिंदुस्तान यूनिलीवर का शेयर 3.20 प्रतिशत तक गिरा। अल्ट्राटेक सीमेंट, कोटक महिंद्रा बैंक और एचडीएफसी बैंक भी नुकसान में रहे जबकि आईसीआईसीआई बैंक और भारती एयरटेल बढ़त में बंद हुए।

पीयूष गोयल की टिप्पणी से धारणा पर असर

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के बर्लिन संवाद में दिए गए बयान का भी असर नजर आया। उन्होंने कहा कि भारत किसी भी व्यापार सौदे में जल्दबाजी नहीं करता और न ही समय सीमा तय कर दबाव में समझौता करता है। इस बयान से निवेशकों में यह संकेत गया कि भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता जल्द पूरी नहीं हो पाएगी। परिणामस्वरूप शेयर बाजार में गिरावट बढ़ी और निफ्टी ने अपना 25,800 का स्तर भी गंवा दिया।

मार्केट विशेषज्ञों का मानना है कि इस बयान ने विदेशी निवेशकों की भावनाओं को प्रभावित किया। इससे उम्मीदें कमजोर हुईं कि कोई बड़ी ट्रेड डील जल्द आएगी। नतीजतन मुनाफावसूली बढ़ी और शेयर बाजार लाल निशान में बंद हुआ।

वैश्विक संकेत और तेल की कीमतें

वैश्विक बाजारों से मिले संकेत भी भारतीय शेयर बाजार के लिए नकारात्मक रहे। शुक्रवार को एशियाई बाजारों में मिश्रित रुख दिखा। हालांकि जापान का निक्केई और साउथ कोरिया का कोस्पी बढ़त में रहे, लेकिन यूरोपीय बाजार कमजोर रहे। अमेरिका और रूस के बीच तेल कंपनियों पर नए प्रतिबंध ने निवेशकों को सतर्क कर दिया।

ब्रेंट क्रूड के दाम गिरकर 65.83 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए। ऊर्जा कीमतों में गिरावट से तेल एवं गैस कंपनियों पर दबाव रहा। इससे निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स भी कमजोर हुआ। हालांकि इस गिरावट से भारत के आयात बिल को राहत मिल सकती है, लेकिन फिलहाल इसका लाभ बाजार को नहीं मिला।

सेक्टरवार स्थिति

एफएमसीजी, बैंकिंग और ऑटो सेक्टरों में सबसे ज्यादा गिरावट रही। निफ्टी बैंक और निफ्टी एफएमसीजी इंडेक्स में 0.50 से 1 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। वहीं मेटल सेक्टर ने बाजार को कुछ सहारा दिया। टाटा स्टील और हिन्डाल्को जैसे शेयरों में हल्की तेजी रही।

आईटी सेक्टर में भी निवेशकों ने मुनाफावसूली की। निफ्टी आईटी इंडेक्स पिछले सत्र की तुलना में 0.30 प्रतिशत गिरा। विशेषज्ञों का कहना है कि कॉर्पोरेट तिमाही नतीजों से पहले निवेशक सतर्क हैं।

रुपये ने दिखाई मजबूती

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रुपये ने आज थोड़ी मजबूती दिखाई। शुक्रवार को यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 10 पैसे बढ़कर 87.78 पर बंद हुआ। डॉलर में कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से रुपया समर्थन में रहा। हालांकि इस मजबूती का असर शेयर बाजार पर नहीं दिखा।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने कहा, ‘‘निफ्टी की छह दिन की रैली आज थम गई है। विदेशी बिकवाली और लाभ बुकिंग के चलते बाजार में दबाव रहा। अमेरिकी प्रतिबंधों और कमजोर वैश्विक संकेतों ने भी निवेशकों की धारणा पर असर डाला।’’

वहीं एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा, ‘‘वाणिज्य मंत्री के बयान से निवेशकों को संकेत मिला कि भारत जल्द किसी बड़े सौदे को अंतिम रूप नहीं देगा। इससे विदेशी निवेश की उम्मीदें कमजोर पड़ीं और बाजार सप्ताहांत से पहले कमजोर हो गया।’’

आने वाले दिनों का रुख

विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी के लिए 25,750 अंक अहम स्तर रहेगा। यदि यह स्तर टूटता है, तो अगले सपोर्ट 25,600 अंक पर आने की संभावना है। वहीं ऊपर की ओर 25,900-26,000 के स्तर पर प्रतिरोध रहेगा।

शेयर बाजार अगले सप्ताह वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेश के रुझान और कॉर्पोरेट नतीजों से दिशा पाएगा। डॉलर की चाल और तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी निफ्टी की दिशा पर असर डालेंगे।

निवेशकों के लिए संदेश

विश्लेषकों का कहना है कि फिलहाल निफ्टी में वोलैटिलिटी बनी रहेगी। निवेशकों को अल्पावधि में सतर्क रहना चाहिए और केवल मजबूत शेयरों में निवेश करना चाहिए। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट खरीदारी का अवसर बन सकती है, बशर्ते निफ्टी 25,750 के ऊपर स्थिर रहे।

आज के सत्र ने यह साफ कर दिया कि शेयर बाजार संवेदनशील मोड़ पर है। निफ्टी का 25,800 से नीचे जाना संकेत है कि बाजार फिलहाल समायोजन के दौर में है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्थिरता आने पर ही बाजार में नई तेजी लौट सकती है।

 शुक्रवार का दिन बाजार के लिए निराशाजनक रहा। छह दिनों की रैली के बाद शेयर बाजार ने ब्रेक लिया। निफ्टी 25800 के नीचे बंद होकर कमजोर संकेत दे चुका है। विदेशी पूंजी की निकासी और मुनाफावसूली का दबाव तब तक रह सकता है जब तक वैश्विक संकेत स्थिर नहीं होते। आने वाले सप्ताह में बाजार की निगाहें डॉलर और विदेशी निवेशकों के रुख पर टिकी रहेंगी, जिन पर निफ्टी की अगली चाल तय होगी।

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