दिल्ली में वायु प्रदूषण की स्थिति गंभीर हो गई है, जिसके कारण ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP 4) के चौथे चरण को सक्रिय कर दिया गया है। दिल्ली सरकार ने शिक्षा निदेशालय के माध्यम से आदेश जारी किया है कि नर्सरी से कक्षा 5 तक सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों में हाइब्रिड मोड से पूरी तरह ऑनलाइन कक्षाएं आयोजित की जाएं। यह निर्णय सोमवार को लिया गया, जब शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 427 तक पहुंच गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है।
GRAP 4 के तहत निर्माण गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है और गैर-जरूरी प्रदूषण फैलाने वाले ट्रकों का प्रवेश रोका गया है। कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने तत्काल प्रभाव से ये कदम उठाए हैं, क्योंकि कई इलाकों में AQI 400 से ऊपर चला गया। इससे पहले 13 दिसंबर को कक्षा 9 और 11 तक हाइब्रिड मोड लागू किया गया था, लेकिन अब छोटे बच्चों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सख्ती बरती जा रही है।
प्रदूषण के आंकड़े: अलार्मिंग स्तर
दिल्ली का AQI रविवार को 461 तक पहुंचा, जो दिसंबर का दूसरा सबसे ऊंचा स्तर है। वज़ीरपुर में 475 का रिकॉर्ड दर्ज हुआ, जबकि 27 मॉनिटरिंग स्टेशनों पर ‘गंभीर’ श्रेणी रही। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के अनुसार, AQI 401-500 ‘गंभीर’ माना जाता है, जो बच्चों, बुजुर्गों और बीमारों के लिए खतरनाक है।
शीतकालीन मौसम, शांत हवाएं और पराली जलाने जैसे कारकों से प्रदूषण बढ़ा है। GRAP के चार चरणों में स्टेज 4 सबसे सख्त है, जहां AQI 450 से ऊपर जाने पर आपातकालीन उपाय होते हैं। दिल्ली-NCR में सभी स्कूल प्रभावित हैं, जिसमें NDMC, MCD और कैंटोनमेंट बोर्ड के संस्थान शामिल हैं।
स्कूलों के लिए नई गाइडलाइंस
नर्सरी से कक्षा 5 के छात्रों के लिए शारीरिक कक्षाएं पूरी तरह बंद हैं, जबकि बाकी कक्षाओं (6 से 9 और 11) में हाइब्रिड मोड जारी रहेगा। कक्षा 10 और 12 के बोर्ड परीक्षा वाले छात्रों को नियमित कक्षाएं जारी रखने की छूट है। स्कूल प्रबंधनों को अभिभावकों को तुरंत सूचित करने और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तैयार रखने का निर्देश दिया गया है।
जिला और जोनल शिक्षा अधिकारी स्कूलों का निरीक्षण करेंगे ताकि अनुपालन सुनिश्चित हो। यह कदम बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए लिया गया है, क्योंकि प्रदूषण से सांस संबंधी बीमारियां बढ़ रही हैं। अभिभावक ऑनलाइन विकल्प चुन सकते हैं जहां उपलब्ध हो।
अन्य GRAP 4 उपाय: व्यापक प्रभाव

ऑफिसों में 50% कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करने का आदेश है, जो नवंबर में GRAP-3 के दौरान भी लागू था। ट्रक प्रवेश सीमित, निर्माण स्थल बंद और उद्योगों पर पाबंदी लगाई गई है। ये उपाय NCR के सभी जिलों में लागू हैं, जब तक AQI में सुधार न हो।
CAQM ने मौसम संबंधी प्रतिकूल परिस्थितियों का हवाला देते हुए ये कदम उठाए। दिल्ली सरकार ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चे घर पर रहें और आउटडोर एक्टिविटी से बचें। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक GRAP 4 बने रहने से अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
प्रदूषण से निपटने के दीर्घकालिक उपाय
दिल्ली में हर साल सर्दियों में प्रदूषण चरम पर पहुंचता है, जिसके लिए स्थायी समाधान जरूरी हैं। पराली जलाने पर रोक, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा और हरित ऊर्जा पर जोर दिया जा रहा है। सरकार ने स्कूलों में मास्क वितरण और स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने के निर्देश भी दिए हैं।
आम जनता को सलाह है कि N95 मास्क पहनें, एयर प्यूरीफायर इस्तेमाल करें और INDOOR रहें। विशेषज्ञों के अनुसार, AQI सामान्य होने तक ये प्रतिबंध जारी रहेंगे। यह संकट दिल्लीवासियों के लिए चेतावनी है कि प्रदूषण नियंत्रण में सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
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