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₹1.17 करोड़ की नंबर प्लेट पर बोली लगाने वाला व्यक्ति अब संपत्ति जांच के दायरे में!

हरियाणा, 3 दिसंबर 2025: हरियाणा में HR88B8888 नंबर प्लेट पर 1.17 करोड़ रुपये की बोली लगाने वाले सुधीर कुमार अब सरकार की जांच के घेरे में आ गए हैं क्योंकि उन्होंने भुगतान नहीं किया और केवल 11 हजार रुपये का डिपॉजिट खो दिया।​ ट्रांसपोर्ट मंत्री अनिल विज ने विभाग को आदेश दिया है कि सुधीर कुमार की संपत्ति और आय की पूरी जांच हो ताकि पता चले कि क्या उनके पास इतने पैसे वास्तव में हैं या नहीं।

यह नंबर प्लेट 26 नवंबर को नीलामी में भारत की सबसे महंगी बनी जब 45 लोगों ने हिस्सा लिया और बोली 50 हजार से बढ़कर 1.17 करोड़ हो गई।​ सुधीर ने कहा कि उन्होंने दो बार पैसे जमा करने की कोशिश की लेकिन तकनीकी समस्या आई और परिवार के बुजुर्गों ने भी इतना खर्च करने से मना कर दिया।

मंत्री ने साफ कहा कि बोली लगाना कोई शौक नहीं बल्कि जिम्मेदारी है इसलिए आयकर विभाग को भी पत्र लिखा जाएगा ताकि फर्जी बोलीदारों पर रोक लगे।

HR88B8888 नंबर प्लेट की अनोखी कहानी

हरियाणा की यह नंबर प्लेट HR88B8888 इसलिए खास है क्योंकि HR राज्य का कोड है, 88 सोनीपत RTO को दर्शाता है, B वाहन सीरीज बताता है और 8888 आठों की स्ट्रिंग जैसा दिखता है जो लोग शुभ मानते हैं।​ नीलामी हर हफ्ते fancy.parivahan.gov.in पर ऑनलाइन होती है जहां शुक्रवार शाम 5 बजे आवेदन शुरू होते हैं, सोमवार सुबह 9 बजे तक बोली चलती है और बुधवार शाम 5 बजे नतीजे आ जाते हैं।

विजेता को 5 दिन मिलते हैं पूरा पैसा जमा करने के लिए अन्यथा बोली रद्द हो जाती है, डिपॉजिट जब्त होता है और नंबर प्लेट दोबारा नीलामी के लिए आ जाती है जैसा अब HR88B8888 के साथ हो रहा है।​ लोग VIP नंबर प्लेट को स्टेटस सिंबल मानते हैं और हरियाणा सरकार इससे अच्छी कमाई भी करती है क्योंकि बोली 1000 रुपये के स्टेप्स में बढ़ती रहती है जब तक कोई जीत न ले।​ पहले भारत में सबसे महंगी नंबर प्लेट 31 लाख रुपये की थी लेकिन यह 1.17 करोड़ में रिकॉर्ड तोड़ गई हालांकि सुधीर के भुगतान न करने से अब यह फिर बिकने को तैयार है।

जांच और भविष्य की सख्ती पर नजर

सुधीर कुमार रोमुलस सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर हैं जो ट्रांसपोर्ट सर्विस कंपनी है और कर्नाटक में रजिस्टर्ड है लेकिन उन्होंने हरियाणा में यह बोली लगाई थी।​ मंत्री अनिल विज ने न सिर्फ विभागीय जांच के आदेश दिए बल्कि आयकर विभाग से भी संपत्ति की पुष्टि कराने को कहा ताकि भविष्य में कोई अमीर बनने का ढोंग न कर सके।

सोशल मीडिया पर लोग इस घटना पर खूब चर्चा कर रहे हैं कुछ हंस रहे हैं तो कुछ सलाह दे रहे हैं कि नंबर प्लेट पर इतना पैसा व्यर्थ है बेहतर है जरूरी चीजों पर खर्च करें।​ हरियाणा सरकार अब नियमों को और सख्त करेगी ताकि बोलीदार पहले अपनी क्षमता जांच लें और नीलामी प्रक्रिया सुचारू बनी रहे जो हर हफ्ते लाखों रुपये की आय देती है।

यह मामला सबक सिखाता है कि नंबर प्लेट जैसी लग्जरी चीजों के लिए बोली लगाते समय सोच समझकर कदम उठाएं वरना कानूनी परेशानी हो सकती है जैसा सुधीर के साथ हुआ।​ हरियाणा में VIP नंबर प्लेट का क्रेज बढ़ता जा रहा है लेकिन सरकार अब ज्यादा सतर्क हो गई है और अगली नीलामी में HR88B8888 फिर से बिकेगी शायद किसी जिम्मेदार व्यक्ति को।

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