बिहार में शिक्षक भर्ती का सपना देखने वाले लाखों युवाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की है कि चौथे चरण की टीआरई-4 भर्ती प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। 15 से 20 जनवरी 2026 तक बीपीएससी को वैकेंसी भेजी जाएगी, जिसके बाद अधिसूचना जारी हो जाएगी ।
टीआरई-4 भर्ती: समयरेखा और अपेक्षित वैकेंसी
बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) के माध्यम से होने वाली इस भर्ती में प्राइमरी से लेकर सीनियर सेकेंडरी स्तर तक के पद शामिल होंगे। शिक्षा विभाग ने रोस्टर क्लीयरेंस पूरा कर लिया है और जिलों से रिक्तियों का आकलन तेजी से हो रहा है । विभिन्न रिपोर्ट्स के अनुसार, टीआरई-4 में करीब 27,000 से अधिक पदों की उम्मीद है, जिसमें प्राइमरी-मिडिल स्कूल के लिए 10,578 और सेकेंडरी-हायर सेकेंडरी के लिए 15,000-16,000 पद शामिल हो सकते हैं ।
शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि अधिसूचना जारी होते ही ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। पिछले चरणों की तरह यह भर्ती पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से होगी । अभ्यर्थी बीपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट bpsc.bih.nic.in पर नजर रखें। कुछ स्रोतों में 1.10 लाख तक वैकेंसी की चर्चा है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि जनवरी में ही होगी । बिहार सरकार का लक्ष्य स्कूलों में शिक्षकों की कमी को पूरी तरह दूर करना है ।

इस भर्ती से न केवल बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। टीआरई-3 के सफल आयोजन के बाद अभ्यर्थी उत्साहित हैं और सोशल मीडिया पर अपनी तैयारी साझा कर रहे हैं ।
लाइब्रेरियन भर्ती: 5500 पदों पर नई उम्मीदें
शिक्षक भर्ती के साथ ही बिहार में लाइब्रेरियन (पुस्तकालयाध्यक्ष) के 5,500 पदों पर भर्ती की तैयारी जोरों पर है। शिक्षा मंत्री ने पुष्टि की है कि इन पदों के लिए अधिसूचना जल्द जारी होगी । सरकारी स्कूलों में 14 वर्षों बाद यह पहली बड़ी भर्ती होगी, जिसमें ग्रेड 9-10 के लिए मासिक 31,000 और ग्रेड 11-12 के लिए 32,000 रुपये वेतन होगा ।
पात्रता में स्नातक डिग्री में न्यूनतम 45% अंक और लाइब्रेरी साइंस में बैचलर आवश्यक है। एससी/एसटी, ओबीसी, महिलाओं और ईडब्ल्यूएस के लिए 5% छूट मिलेगी, लेकिन केवल बिहार निवासियों को ही आवेदन का मौका । चयन प्रक्रिया में पहले बिहार स्टेट एलिजिबिलिटी टेस्ट (LET) और फिर बीपीएससी लिखित परीक्षा होगी, जिसमें 100 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे । आवेदन बीपीएससी पोर्टल पर ऑनलाइन होगा।
यह भर्ती स्कूलों में लाइब्रेरी सुविधाओं को मजबूत करेगी। अभ्यर्थी पहले से ही लाइब्रेरियन एलिजिबिलिटी टेस्ट की अधिसूचना की मांग कर रहे हैं । सरकार ने डीए, एचआरए और पेंशन जैसे लाभ भी सुनिश्चित किए हैं ।

बिहार शिक्षा क्रांति: बजट से भर्ती तक की यात्रा
बिहार की शिक्षा व्यवस्था में पिछले दो दशकों में जबरदस्त बदलाव आया है। 2005 में शिक्षा बजट मात्र 4,000 करोड़ था, जो अब 70,000 करोड़ तक पहुंच गया । उसी समय डेढ़ लाख शिक्षक थे, जबकि अब बीपीएससी से 2.27 लाख और पंचायती राज से 2.5 लाख की भर्ती हो चुकी है ।
सरकार अनुकंपा भर्ती के 5,500 पद भी भरने जा रही है । स्कूल भवनों की मरम्मत इस वर्ष पूरी होगी और छह माह में कक्षाओं की कमी दूर हो जाएगी । 97 लाख छात्रों के लिए मिड-डे मील की व्यवस्था है, रसोइयों का मानदेय दोगुना कर दिया गया । गलत काम करने वाले शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई का ऐलान ।
टीआरई-4 से जुड़ी मांगें भी उठ रही हैं, जैसे म्यूचुअल ट्रांसफर पोर्टल खोलना और पति-पत्नी स्थानांतरण । अभ्यर्थी 1.20 लाख पदों की मांग कर रहे हैं । बिहार सरकार युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह भर्ती न केवल रोजगार देगी, बल्कि शिक्षा के भविष्य को मजबूत करेगी ।
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