नई दिल्ली, 2 जनवरी 2026। न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान मामदानी ने उमर खालिद को एक नोट लिखा। यह नोट उमर खालिद के माता-पिता को दिया गया। बीजेपी ने इसे भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप बताया। बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भारत ऐसा हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं करेगा। उमर खालिद 2020 के दिल्ली दंगों के आरोपी हैं। वे जेल में बंद हैं। मामदानी का यह नोट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस घटना ने राजनीतिक बहस छेड़ दी।
बीजेपी ने मामदानी के नोट पर सख्त रुख अपनाया। गौरव भाटिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि कोई बाहरी व्यक्ति भारत की न्यायपालिका पर सवाल नहीं उठा सकता। उमर खालिद पर यूएपीए के तहत मुकदमा चल रहा है। भाटिया ने उमर खालिद को भारत-विरोधी बताया। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एकजुट हैं। मामदानी ने उमर खालिद के शब्दों का जिक्र किया। नोट में लिखा था कि कड़वाहट को खुद पर हावी न होने दें।
मामदानी ने उमर खालिद के माता-पिता से मुलाकात की थी। यह मुलाकात अमेरिका में हुई। बीजेपी का कहना है कि यह भारत की संप्रभुता में दखल है। भाटिया ने चेतावनी दी कि भारत अपनी आंतरिक नीतियों में किसी की दखलअंदाजी स्वीकार नहीं करेगा। उमर खालिद का मामला संवेदनशील है। दिल्ली दंगों में 53 लोग मारे गए थे। सैकड़ों घायल हुए थे। पुलिस का दावा है कि उमर खालिद षड्यंत्र का मास्टरमाइंड था।
मामदानी का नोट और उसका विवरण
मामदानी ने हाथ से लिखा नोट उमर खालिद के लिए भेजा। नोट में लिखा था प्रिय उमर। मैं तुम्हारे कड़वाहट पर बोले शब्दों को अक्सर याद करता हूं। कड़वाहट को खुद पर हावी न होने दो। तुम्हारे माता-पिता से मिलना सुखद था। हम सब तुम्हें याद कर रहे हैं। यह नोट उमर खालिद की पार्टनर ने सोशल मीडिया पर शेयर किया। उमर खालिद के माता-पिता दिसंबर 2025 में अमेरिका गए थे। वहां उन्होंने मामदानी से मुलाकात की।
मामदानी न्यूयॉर्क के पहले मुस्लिम मेयर बने हैं। वे भारतीय मूल के हैं। इससे पहले 2023 में मामदानी ने उमर खालिद की जेल डायरी पढ़ी थी। यह एक कार्यक्रम में हुआ था। उमर खालिद जेएनयू के पूर्व छात्र हैं। वे छात्र नेता रह चुके हैं। मामदानी का यह नोट उमर खालिद के समर्थकों के लिए प्रेरणा बना। लेकिन बीजेपी ने इसे गलत ठहराया। गौरव भाटिया ने कहा कि उमर खालिद भारत तोड़ने की कोशिश में शामिल थे।

भारत की जनता न्यायपालिका पर भरोसा करती है। मामदानी को भारत के मामलों से दूर रहना चाहिए। यह नोट उमर खालिद के लंबे जेल प्रवास के बीच आया। उमर खालिद पर यूएपीए के तहत कई चार्ज हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिकाएं खारिज कीं। सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित है। उमर खालिद को दिसंबर में बहन की शादी के लिए अंतरिम जमानत मिली थी। उसके बाद वे जेल लौट गए। मामदानी का समर्थन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है। कुछ अमेरिकी सांसदों ने भी उमर खालिद के लिए पत्र लिखे।
बीजेपी की प्रतिक्रिया और राजनीतिक पृष्ठभूमि
बीजेपी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत किसी बाहरी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करेगा। गौरव भाटिया ने कहा कि उमर खालिद जैसे आरोपी को समर्थन देना गलत है। दिल्ली दंगों में भारी तबाही हुई थी। 53 लोग मारे गए। 700 से ज्यादा घायल हुए। पुलिस ने कहा कि यह सुनियोजित षड्यंत्र था। उमर खालिद पर चक्का जाम और हिंसा भड़काने का आरोप है। वे व्हाट्सएप ग्रुप में सक्रिय थे। दिल्ली पुलिस ने सबूत पेश किए। अदालत ने इन्हें प्रथम दृष्टया सही माना।
भाटिया ने कहा कि भारत की संप्रभुता सर्वोपरि है। 140 करोड़ लोग एक हैं। प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व मजबूत है। मामदानी को अपनी सीमा में रहना चाहिए। उमर खालिद 2020 से जेल में हैं। वे पांच साल से बिना ट्रायल के बंद हैं। उनके वकील कहते हैं कि कोई ठोस सबूत नहीं। लेकिन अदालत ने जमानत अस्वीकार की। यह मामला सीएए विरोधी प्रदर्शनों से जुड़ा। प्रदर्शन हिंसक हो गए। उमर खालिद ने भाषण दिए थे। पुलिस उन्हें भड़काऊ मानती है। बीजेपी ने कहा कि न्याय प्रक्रिया पर भरोसा रखें। बाहरी टिप्पणियां अनुचित हैं। यह घटना राजनीतिक बहस को तेज करेगी।
विपक्ष उमर खालिद को राजनीतिक कैदी बता सकता है। बीजेपी कानून का पालन कराने पर जोर देगी। उमर खालिद का केस मानवाधिकार संगठनों का ध्यान खींचता है। अमेरिकी सांसदों ने न्याय की मांग की। लेकिन भारत ने कहा कि यह आंतरिक मामला है। गौरव भाटिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि क्या मामदानी को भारत सिखाए। भारत मजबूत लोकतंत्र है। न्यायपालिका स्वतंत्र है। उमर खालिद को निर्दोष साबित करने का मौका मिलेगा। ट्रायल पूरा होना चाहिए। बीजेपी का रुख कड़ा रहेगा। यह विवाद लंबा चलेगा। उमर खालिद के समर्थक सक्रिय हैं। मामदानी का नोट ने नई चर्चा शुरू की। भारत ने अपनी स्थिति स्पष्ट की। संप्रभुता अटल है।
नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई। बीजेपी मुख्यालय में यह आयोजन था। गौरव भाटिया ने पत्रकारों से बात की। उन्होंने मामदानी को आड़े हाथों लिया। उमर खालिद पर देशद्रोह के आरोप हैं। यूएपीए सख्त कानून है। यह आतंकवाद रोकता है। दिल्ली दंगों की जांच पूरी हो रही। चार्जशीट दाखिल हुई। अदालत फैसला लेगी। बीजेपी ने जनता से अपील की। सभी कानून मानें। बाहरी दबाव न स्वीकारें। उमर खालिद जेएनयू से जुड़े। वे छात्र आंदोलन में थे।
2016 में भी विवादास्पद थे। अब दिल्ली दंगा केस में फंसे। मामदानी भारतीय मूल के हैं। वे डेमोक्रेट हैं। न्यूयॉर्क में जीत मिली। मेयर बनने पर नोट लिखा। उमर खालिद के पिता ने मुलाकात की। उन्होंने केस की जानकारी दी। मामदानी ने सहानुभूति जताई। लेकिन बीजेपी ने इसे हस्तक्षेप कहा। भारत सरकार चुप नहीं रहेगी। कूटनीतिक स्तर पर जवाब मिलेगा। उमर खालिद की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट फैसला लेगा। यह ऐतिहासिक केस बनेगा। राजनीतिक रंग गहराएगा। जनता निगरानी रखे। न्याय होगा। लोकतंत्र मजबूत है।
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